
नार्मल ओवरी सिस्ट साइज इन हिंदी – ओवेरियन सिस्ट के प्रकार और आकार

Table of Contents
- ओवेरियन सिस्ट क्या है?
- ओवेरियन सिस्ट के प्रकार और आकार
- ओवेरियन सिस्ट का साइज़ चार्ट (मिलीमीटर में)
- ओवेरियन सिस्ट के क्या कारण हैं?
- लेफ्ट ओवेरियन सिस्ट
- राइट ओवेरियन सिस्ट
- ओवेरियन सिस्ट होने पर क्या खाएं?
- अंडाशय की सिस्ट से क्या जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं?
- ओवेरियन सिस्ट का इलाज कैसे किया जा सकता है?
- निष्कर्ष
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या हर ओवेरियन सिस्ट का इलाज सर्जरी से होता है?
- क्या ओवेरियन सिस्ट से भविष्य में गर्भवती होने में परेशानी होगी?
- क्या ओवेरियन सिस्ट को रोकने का कोई तरीका है?
- क्या ओवेरियन सिस्ट कैंसर का रूप ले सकते हैं?
- ओवरी सिस्ट का सामान्य आकार कितना होता है?
- सही अंडाशय का आकार कितना होना चाहिए?
- लेफ्ट ओवरी में सिस्ट का सामान्य आकार (मिलीमीटर में) क्या होता है?
- ओवेरियन सिस्ट का आकार कितना खतरनाक होता है?
- ओवरी में कितने प्रकार के सिस्ट होते हैं?
- ओवेरियन सिस्ट कितने दिन में ठीक होता है?
अपने जीवनकाल में ज्यादातर महिलाएं कभी न कभी ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) की समस्या का सामना करती हैं। अलग-अलग प्रकार के ओवेरियन सिस्ट एक महिला को परेशान कर सकते हैं। सभी सिस्ट में से बड़े आकार के सिस्ट के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
इसके प्रकार और आकार को जानने से पहले हमें यह समझना होगा कि ओवेरियन सिस्ट क्या है और यह किसी महिला को कितना प्रभावित करता है।
ओवेरियन सिस्ट क्या है?
अंडाशय (Ovaries) में गांठ यानी सिस्ट बनने की स्थिति को मेडिकल भाषा में ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। ओवरी महिला की प्रजनन प्रणाली (Reproductive system) का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसका मुख्य कार्य फर्टिलाइजेशन है। ओवरी में फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू होती है और यदि इसमें कोई समस्या हो जाए तो प्रेगनेंसी में दिक्कत आ सकती है।
ओवरी में कई तरह की समस्याएं होती हैं और सिस्ट बनना भी उन्हीं में से एक है।
ओवेरियन सिस्ट के प्रकार और आकार
ओवेरियन सिस्ट कई प्रकार के होते हैं, जिन्हें उनके कारण और नेचर के आधार पर बांटा गया है। ओवेरियन सिस्ट का इलाज भी इस बात पर निर्भर करता है कि इसका प्रकार और आकार क्या है।
आमतौर पर जब ओवेरियन सिस्ट का आकार 50–60 मिलीमीटर यानी 2–2.5 इंच से कम होता है, तो सर्जरी का सुझाव नहीं दिया जाता है। हालांकि, यह दिशानिर्देश हर स्थिति में लागू नहीं होते हैं।
उदाहरण के तौर पर, जब तक एक नॉर्मल सिस्ट 10 सेमी (4 इंच) का नहीं होता है, तब तक इलाज की आवश्यकता नहीं हो सकती है। वहीं कैंसर वाले सिस्ट की स्थिति में आकार की परवाह किए बिना सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
आइए प्रत्येक प्रकार के सिस्ट और उनके आकार के बारे में जानते हैं।
फंक्शनल सिस्ट (Functional Cyst)
फंक्शनल सिस्ट का निर्माण प्राकृतिक रूप से पीरियड्स के समय होता है और इनकी वजह से महिला को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती है।
फंक्शनल सिस्ट दो प्रकार के होते हैं:
- फॉलिकुलर सिस्ट (Follicular Cyst)
- कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट (Corpus Luteum Cyst)
ज्यादातर मामलों में इन सिस्ट से कोई नुकसान नहीं होता है और ये खुद ही खत्म हो जाते हैं। यदि पेट दर्द, पीरियड्स के समय में बदलाव, या संभोग में तकलीफ हो तो अपने डॉक्टर से मिलें और इलाज के विकल्पों पर विचार करें।
डर्मॉइड सिस्ट (Dermoid Cyst)
ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि डर्मॉइड सिस्ट महिलाओं के शरीर में जन्म के समय से ही मौजूद होता है। ज्यादातर मामलों में रोगी को किसी भी प्रकार के लक्षण का अनुभव नहीं होता है। लेकिन इस सिस्ट का आकार बढ़ने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सिस्टेडेनोमास (Cystadenomas)
यह बिना कैंसर वाले ट्यूमर होते हैं, जो अंडाशय (ovaries) की सतह पर मौजूद होते हैं। यह फंक्शनल सिस्ट की तरह ही प्रतीत होते हैं, लेकिन सिस्टेडेनोमा सिस्ट का आकार लगातार बढ़ता रहता है।
सिस्टेडेनोमा का आकार 1–30 सेमी तक हो सकता है।
एंडोमेट्रियोमास (Endometriomas)
एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) के कारण एंडोमेट्रियोमास सिस्ट का निर्माण होता है। इस प्रकार के सिस्ट में बच्चेदानी की दीवार की कोशिकाएं (Cells) बच्चेदानी के बाहर आ जाती हैं।
एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में से 17 से 44 प्रतिशत महिलाओं में एंडोमेट्रियोमा सिस्ट (Endometrioma Cyst) का निर्माण हो जाता है।
इसे चॉकलेट सिस्ट के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इनमें रक्त भरा होता है और यह भूरे रंग का हो जाता है। इसका आकार 5 सेमी से लेकर 20 सेमी तक हो सकता है।
ओवेरियन सिस्ट का साइज़ चार्ट (मिलीमीटर में)
आमतौर पर, सिस्ट का साइज़ ट्रांसवेजाइनल या एब्डॉमिनल अल्ट्रासाउंड के दौरान मापा जाता है। यहाँ एक सामान्य संदर्भ चार्ट दिया गया है, जिसका उपयोग डॉक्टर सिस्ट को वर्गीकृत करने और उसके इलाज से जुड़े निर्णय लेने में मार्गदर्शन के लिए करते हैं।
| सिस्ट का प्रकार | सामान्य आकार सीमा | चिकित्सीय महत्व | सामान्य कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| फॉलिक्युलर सिस्ट | 20–30 मिमी | ओव्यूलेशन का सामान्य बदलाव | कोई उपचार नहीं; केवल निगरानी |
| कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट | 20–50 मिमी | ओव्यूलेशन के बाद बनता है; आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है | निगरानी (Watchful waiting) |
| सिंपल सिस्ट (प्रीमेनोपॉज़ल) | 30 मिमी तक | बहुत कम जोखिम; सामान्य स्थिति | फॉलो-अप की जरूरत नहीं |
| सिंपल सिस्ट (प्रीमेनोपॉज़ल) | 30–50 मिमी | कम जोखिम; कार्यात्मक होने की संभावना | 6–12 सप्ताह में दोबारा अल्ट्रासाउंड |
| सिंपल सिस्ट (किसी भी उम्र में) | 50–70 मिमी | मध्यम जोखिम; निगरानी जरूरी | हर 3–6 महीने में फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड |
| कॉम्प्लेक्स / बड़ा सिस्ट | 70 मिमी से अधिक | जटिलताओं का अधिक जोखिम | विशेषज्ञ से परामर्श; सर्जरी संभव |
| डर्मॉइड / एंडोमेट्रियोमा | 20–100+ मिमी | धीरे-धीरे बढ़ने वाला; बड़े आकार तक पहुंच सकता है | अक्सर सर्जिकल मूल्यांकन की सलाह |
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सिस्ट का साइज़ ही यह तय नहीं करता कि वह खतरनाक है या नहीं। अल्ट्रासाउंड की विशेषताएं—यानी सिस्ट साधारण (चिकनी दीवारें, तरल पदार्थ से भरा हुआ) है या जटिल (ठोस घटक, अनियमित किनारे)—माप जितनी ही महत्वपूर्ण होती हैं।
ओवेरियन सिस्ट के क्या कारण हैं?
ओवेरियन सिस्ट के सबसे आम कारण मासिक धर्म चक्र की सामान्य हार्मोनल गतिविधि से जुड़े होते हैं। हालाँकि, कई अंतर्निहित स्थितियाँ भी इनके विकास को ट्रिगर कर सकती हैं।
कार्यात्मक कारण (सबसे आम)
ओव्यूलेशन के दौरान, अंडाशय पर एक फॉलिकल (पुटक) बढ़ता है ताकि एक अंडा रिलीज़ हो सके। यदि फॉलिकल फटता नहीं है और अंडे को रिलीज़ नहीं करता है, तो यह द्रव से भर सकता है और एक फॉलिक्युलर सिस्ट बन सकता है।
इसके अलावा, अंडा रिलीज़ होने के बाद, बची हुई थैली (जिसे कॉर्पस ल्यूटियम कहा जाता है) बंद हो सकती है और उसमें द्रव जमा हो सकता है, जिससे एक कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट बन जाता है।
आमतौर पर, ये दोनों प्रकार के सिस्ट बिना किसी इलाज के कुछ ही हफ़्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
अन्य योगदान देने वाले कारक
- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) — हार्मोनल असंतुलन के कारण कई छोटे सिस्ट बन सकते हैं।
- एंडोमेट्रियोसिस — एंडोमेट्रियल ऊतक अंडाशय से जुड़ जाता है, जिससे एंडोमेट्रियोमास बन जाते हैं।
- पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID) — संक्रमण के कारण फोड़े से संबंधित सिस्ट बन सकते हैं।
- हार्मोनल दवाएँ, जिनमें प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवाएँ भी शामिल हैं, सिस्ट के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।
- पहले कभी ओवेरियन सिस्ट होने से इसके दोबारा होने की संभावना बढ़ जाती है।
नोट: डर्मॉइड सिस्ट (टेराटोमास) और सिस्टाडेनोमास कम आम प्रकार के सिस्ट हैं जो हार्मोनल बदलावों के बजाय सीधे अंडाशय के ऊतकों से ही उत्पन्न होते हैं, और इनका पता चलने से पहले ये अक्सर काफी बड़े हो चुके होते हैं।
लेफ्ट ओवेरियन सिस्ट
लेफ्ट अंडाशय पर बनी साधारण सिस्ट आमतौर पर गोल, पतली दीवार वाली और साफ तरल पदार्थ से भरी होती है। इसमें कोई ठोस हिस्सा नहीं होता और अल्ट्रासाउंड में कोई आंतरिक गूंज (echoes) दिखाई नहीं देती।
रजोनिवृत्ति से पहले की महिलाओं में, लेफ्ट अंडाशय पर 30 mm तक की साधारण सिस्ट को एक सामान्य बदलाव माना जाता है और इसके लिए किसी आगे की जांच (follow-up) की आवश्यकता नहीं होती।
30–50 mm के बीच होने पर, आमतौर पर 6 से 12 हफ़्तों में दोबारा स्कैन करवाना ही काफी होता है। लेफ्ट अंडाशय पर 50 mm से कम आकार की साधारण सिस्ट में कैंसर (malignancy) का खतरा बहुत ही कम होता है।
राइट ओवेरियन सिस्ट
राइट अंडाशय की साधारण सिस्ट बिल्कुल वैसे ही व्यवहार करती है जैसे लेफ्ट अंडाशय की, और इसका प्रबंधन भी आकार के आधार पर उन्हीं पैमानों का उपयोग करके किया जाता है।
दायां अंडाशय अपेंडिक्स और मूत्रवाहिनी (ureter) के करीब स्थित होता है, इसलिए दाईं ओर की बड़ी सिस्ट कभी-कभी ऐसी बेचैनी पैदा कर सकती हैं जो अपेंडिसाइटिस (अपेंडिक्स की सूजन) जैसी लगती है। इससे अल्ट्रासाउंड द्वारा सटीक निदान करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
बाईं ओर की सिस्ट की तरह ही, प्रजनन आयु वाली महिलाओं में साधारण बनावट और 50 mm से कम आकार वाली सिस्ट लगभग हमेशा सौम्य (benign) होती हैं।
ओवेरियन सिस्ट और प्रेगनेंसी: प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में पाई जाने वाली ‘फंक्शनल सिस्ट’ आम होती हैं और आमतौर पर इनसे कोई नुकसान नहीं होता। इनमें से अधिकांश सिस्ट पहली तिमाही के अंत तक अपने आप ठीक हो जाती हैं, क्योंकि ‘कॉर्पस ल्यूटियम’ स्वाभाविक रूप से सिकुड़ने लगता है। 60 mm से बड़ी सिस्ट या जटिल विशेषताओं वाली सिस्ट पर अधिक बारीकी से नज़र रखी जा सकती है, क्योंकि जैसे-जैसे गर्भाशय का आकार बढ़ता है, उनमें ‘टॉर्शन’ (सिस्ट के मुड़ जाने) का थोड़ा-सा खतरा बना रहता है।
ओवेरियन सिस्ट होने पर क्या खाएं?
हालांकि कोई भी खास खाना ओवेरियन सिस्ट को ठीक नहीं करता, लेकिन सूजन कम करने वाला (anti-inflammatory) खाना हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
साबुत और कम प्रोसेस्ड खाने पर ध्यान दें, और रिफाइंड चीनी और सैचुरेटेड फैट को सीमित करें, क्योंकि ये हार्मोनल उतार-चढ़ाव को और खराब कर सकते हैं।
क्या खाएं?
- पत्तेदार सब्जियां: पालक, केल और स्विस चार्ड में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होता है और ये एस्ट्रोजन मेटाबॉलिज्म में मदद करते हैं।
- ओमेगा-3 से भरपूर मछली: सैल्मन और सार्डिन शरीर की उस सूजन को कम करती हैं जो सिस्ट के बढ़ने से जुड़ी होती है।
- फाइबर से भरपूर खाना: दालें, चने और ओट्स शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
- हल्दी और अदरक: ये प्राकृतिक रूप से सूजन कम करने वाले तत्व हैं जो पेल्विक हिस्से की परेशानी को कम कर सकते हैं।
- बेरी और चेरी: इनमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
किन चीजों को सीमित करें?
- रिफाइंड चीनी
- शराब
- प्रोसेस्ड मीट
- बहुत ज़्यादा डेयरी उत्पाद
अंडाशय की सिस्ट से क्या जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं?
अधिकांश अंडाशय की सिस्ट हानिरहित होती हैं, लेकिन कुछ सिस्ट ऐसी जटिलताओं का कारण बन सकती हैं जिनके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।
सिस्ट का फटना
फटी हुई सिस्ट से अचानक, तेज श्रोणि दर्द, मतली और चक्कर आ सकते हैं। हालांकि कई सिस्ट बिना उपचार के ठीक हो जाती हैं, लेकिन फटी हुई सिस्ट से गंभीर आंतरिक रक्तस्राव होने पर आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता होती है।
अंडाशय का मुड़ना
बड़ी सिस्ट (आमतौर पर 50 मिमी से अधिक) अंडाशय को सहायक स्नायुबंधन के चारों ओर घुमा सकती हैं, जिससे उसकी रक्त आपूर्ति बाधित हो सकती है।
यह एक सर्जिकल आपात स्थिति है जिसमें गंभीर, अचानक श्रोणि दर्द होता है, जिसके साथ अक्सर उल्टी भी होती है।
संक्रमण
पीआईडी से जुड़ी सिस्ट संक्रमित हो सकती हैं और फोड़ा बना सकती हैं, जिसके लिए एंटीबायोटिक उपचार या सर्जिकल ड्रेनेज की आवश्यकता होती है।
ओवेरियन सिस्ट का इलाज कैसे किया जा सकता है?
इलाज सिस्ट के साइज़, प्रकार, अल्ट्रासाउंड की विशेषताओं, आपकी उम्र, और इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं या नहीं।
निगरानी और इंतज़ार (Watchful Waiting)
मेनोपॉज़ से पहले वाली महिलाओं में 50 mm से छोटे साधारण फ़ंक्शनल सिस्ट के लिए, “इंतज़ार करो और देखो” (wait and see) का तरीका आम है।
6–12 हफ़्तों में एक फ़ॉलो-अप अल्ट्रासाउंड से यह पक्का हो जाता है कि सिस्ट अपने आप ठीक हो गया है या नहीं। ज़्यादातर मामलों में ऐसा ही होता है।
हार्मोनल गर्भनिरोधक
मुँह से ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोलियाँ मौजूदा सिस्ट को छोटा नहीं करतीं, लेकिन वे ओव्यूलेशन को रोककर नए फ़ंक्शनल सिस्ट बनने से रोक सकती हैं। ये अक्सर उन महिलाओं को दी जाती हैं जिन्हें बार-बार फ़ंक्शनल सिस्ट होते हैं।
दर्द का इलाज
बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ़्लेमेटरी दवाएँ (NSAIDs) सिस्ट से होने वाली पेल्विक (पेट के निचले हिस्से) की हल्की तकलीफ़ से राहत दिला सकती हैं। हमेशा अपने डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक का ही पालन करें।
सर्जिकल विकल्प
सर्जरी तब सोची जाती है जब सिस्ट:
- बड़ा हो (आमतौर पर 70 mm से ज़्यादा)
- बढ़ रहा हो
- जटिल हो
- गंभीर लक्षण पैदा कर रहा हो
- उसमें मरोड़ (torsion) आ गया हो
- या वह फट गया हो
लैप्रोस्कोपिक सिस्टेक्टॉमी (एक कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया) सबसे आम तरीका है।
बहुत कम मामलों में, जब मेनोपॉज़ के बाद वाली महिलाओं में या सिस्ट में कोई संदिग्ध लक्षण दिखें, तो पूरी जाँच के बाद ऊफ़ोरेक्टॉमी (ओवरी को हटाना) की सलाह दी जा सकती है।
निष्कर्ष
ओवेरियन सिस्ट ज़्यादातर महिलाओं के लिए प्रजनन स्वास्थ्य का एक सामान्य हिस्सा हैं। इनमें से ज़्यादातर सिस्ट फ़ंक्शनल, छोटे और अपने आप ठीक होने वाले होते हैं।
साइज़ की सीमाओं को समझना, एक सामान्य 25 mm के फ़ॉलिक्युलर सिस्ट से लेकर 70 mm से बड़े सिस्ट तक, आपको अपने डॉक्टर के साथ ज़्यादा जानकारी भरी बातचीत करने में मदद करता है और एक आम, आमतौर पर हानिरहित समस्या को लेकर होने वाली बेवजह की चिंता को कम करता है।
अगर आपको ओवेरियन सिस्ट का पता चला है, तो अगला कदम यह है कि आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर इसकी जाँच करवाती रहें, उन चेतावनी भरे लक्षणों के प्रति जागरूक रहें जिनके लिए तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है, और सूजन-रोधी (anti-inflammatory) आहार तथा नियमित जाँचों के ज़रिए अपने शरीर का ध्यान रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर ओवेरियन सिस्ट का इलाज सर्जरी से होता है?
ज्यादातर मामलों में सिस्ट अपने आप सिकुड़ कर खत्म हो जाता है। बड़े, परेशानी देने वाले या कैंसर वाले सिस्ट के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।
क्या ओवेरियन सिस्ट से भविष्य में गर्भवती होने में परेशानी होगी?
आमतौर पर सिस्ट के कारण प्रेग्नेंसी की प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। बड़े या दोनों अंडाशयों को प्रभावित करने वाले सिस्ट के कारण दिक्कत आ सकती हैं। सही समय पर सलाह और उपचार गर्भधारण की संभावना बढ़ा सकते हैं।
क्या ओवेरियन सिस्ट को रोकने का कोई तरीका है?
ओवेरियन सिस्ट को पूरी तरह से रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, हालांकि कुछ चीजों का पालन कर स्थिति के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है, जैसे:
- हार्मोनल गर्भनिरोधक गोलियां – Hormonal contraception pills
- धूम्रपान न करना
- स्वस्थ वजन बनाए रखना
क्या ओवेरियन सिस्ट कैंसर का रूप ले सकते हैं?
अधिकतर मामलों में सिस्ट कैंसर का रूप नहीं लेता है। हालांकि मेनोपॉज के बाद सिस्ट में कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। कैंसर की जांच के लिए बायोप्सी की जा सकती है।
कई बार ओवेरियन सिस्ट के लक्षण नहीं होते हैं, इसलिए इस स्थिति का पता नियमित जांच से ही चलता है। लक्षणों का अनुभव होने के बाद पुष्टि के लिए पेल्विक के फिजिकल एग्जामिनेशन के साथ अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। कुछ मामलों में अन्य जांच जैसे रक्त परीक्षण, सीटी स्कैन और एमआरआई का सुझाव भी दिया जाता है।
ओवरी सिस्ट का सामान्य आकार कितना होता है?
प्रजनन की उम्र वाली महिलाओं में 30 mm तक की साधारण ओवेरियन सिस्ट को पूरी तरह से सामान्य माना जाता है, और आमतौर पर इसके लिए किसी फ़ॉलो-अप की ज़रूरत नहीं होती।
30–50 mm के बीच की सिस्ट की निगरानी एक और अल्ट्रासाउंड करके की जाती है। 70 mm से बड़ी सिस्ट के लिए मेडिकल या सर्जिकल इलाज की ज़रूरत पड़ने की संभावना ज़्यादा होती है।
सही अंडाशय का आकार कितना होना चाहिए?
प्रजनन-योग्य उम्र की महिला में एक सामान्य अंडाशय का माप लगभग 30 × 25 × 20 mm (लंबाई में लगभग 3 cm) होता है। रजोनिवृत्ति के बाद, अंडाशय स्वाभाविक रूप से सिकुड़कर लगभग 20 × 10 × 10 mm के हो जाते हैं।
50 mm से बड़े अंडाशय किसी सिस्ट या किसी अन्य ऐसी स्थिति की मौजूदगी का संकेत हो सकते हैं जिसकी जांच की जानी चाहिए।
लेफ्ट ओवरी में सिस्ट का सामान्य आकार (मिलीमीटर में) क्या होता है?
लेफ्ट ओवरी पर 30 mm तक की एक साधारण सिस्ट, रजोनिवृत्ति से पहले की महिलाओं के लिए सामान्य सीमा के भीतर मानी जाती है। 30–50 mm के बीच होने पर, 6–12 हफ़्तों में दोबारा अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जाती है।
50 mm से छोटी बाएं अंडाशय की साधारण सिस्ट में कैंसर (malignancy) का जोखिम बहुत कम होता है।
ओवेरियन सिस्ट का आकार कितना खतरनाक होता है?
सिस्ट के लिए कोई एक “खतरनाक आकार” तय नहीं है, लेकिन 50–70 mm से बड़े सिस्ट में टॉर्शन (मरोड़) और फटने जैसी जटिलताओं का खतरा ज़्यादा होता है।
जिन सिस्ट में जटिल विशेषताएं होती हैं उन्हें आकार चाहे जो भी हो, ज़्यादा जोखिम वाला माना जाता है और उनके लिए विशेषज्ञ की जांच ज़रूरी होती है।
ओवरी में कितने प्रकार के सिस्ट होते हैं?
इसके मुख्य प्रकारों में शामिल हैं:
- फॉलिक्युलर सिस्ट
- कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट
- डर्मॉइड सिस्ट (टेराटोमा)
- एंडोमेट्रियोमा
- सिस्टएडेनोमा
- PCOS से जुड़े सिस्ट
फंक्शनल सिस्ट अब तक सबसे आम होते हैं और इनसे सबसे कम चिंता होती है। डर्मॉइड सिस्ट और एंडोमेट्रियोमा नॉन-फंक्शनल होते हैं, और अगर इनका आकार बड़ा हो जाए तो इनके लिए इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है।
ओवेरियन सिस्ट कितने दिन में ठीक होता है?
ज़्यादातर फ़ंक्शनल ओवेरियन सिस्ट 1 से 3 मेंस्ट्रुअल साइकल के अंदर, आमतौर पर 4 से 12 हफ़्तों में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
डर्मॉइड सिस्ट या एंडोमेट्रियोमा जैसे नॉन-फंक्शनल सिस्ट आमतौर पर बिना इलाज के ठीक नहीं होते और उन्हें सर्जरी से निकालने की ज़रूरत पड़ सकती है।
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