इरेक्टाइल डिसफंक्शन लक्षण, कारण और इलाज: Erectile Dysfunction Meaning in Hindi


Table of Contents
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के प्रकार | Types of erectile dysfunction
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of erectile dysfunction?
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या कारण हैं? What are the causes of erectile dysfunction?
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन के जोखिम कारक क्या हैं? What are the risk factors for erectile dysfunction?
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का निदान कैसे किया जाता है? How is erectile dysfunction diagnosed?
- क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन स्थायी होता है? Is erectile dysfunction permanent?
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कैसे किया जाता है? How is erectile dysfunction treated?
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए डाइट | Diet for erectile dysfunction
- इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए कौन से विटामिन ज़रूरी हैं? Which vitamins are important for erectile dysfunction?
- इरेक्शन बढ़ाने के घरेलू उपाय | Home remedies to increase erection
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाव | Prevention of Erectile Dysfunction
- निष्कर्ष
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) यानि स्तंभन दोष एक आम सेक्शुअल हेल्थ प्रॉब्लम (Sexual health problems) है जो अलग-अलग उम्र के पुरुषों को प्रभावित करती है, खासकर 40 साल की उम्र के बाद। इसका मतलब है कि संतोषजनक सेक्शुअल एक्टिविटी (Sexual activity) के लिए ज़रूरी इरेक्शन पाने या बनाए रखने में लगातार दिक्कत होना। कभी-कभी इरेक्शन में दिक्कत किसी को भी हो सकती है और यह हमेशा चिंता की बात नहीं होती। हालांकि, जब यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह अंदरूनी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक समस्याओं का संकेत हो सकता है जिन पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षणों को समझना, इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारणों की पहचान करना, और उपलब्ध इरेक्टाइल डिसफंक्शन ट्रीटमेंट के विकल्पों को जानना पुरुषों को समय पर कार्रवाई करने और अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के प्रकार | Types of erectile dysfunction
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के प्रकारों को समझने से इसके मूल कारण की पहचान करने और सही इलाज का तरीका चुनने में मदद मिलती है।
- वैस्कुलर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Vascular erectile dysfunction)
यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सबसे आम प्रकार है और लिंग में ब्लड फ्लो कम होने के कारण होता है। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) जमने जैसी स्थितियां ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे इरेक्शन पाना मुश्किल हो जाता है।
- न्यूरोजेनिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Neurogenic erectile dysfunction)
यह तब होता है जब दिमाग और लिंग के बीच नर्व सिग्नल बाधित होते हैं। यह अक्सर स्पाइनल कॉर्ड की चोट, नर्व डैमेज या न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (Neurological Disorder) वाले लोगों में देखा जाता है।
- हार्मोनल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Hormonal erectile dysfunction)
टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम होने या हार्मोनल असंतुलन से यौन इच्छा (sexual desire) कम हो सकती है और इरेक्शन की क्वालिटी में दिक्कत आ सकती है। थायराइड डिसऑर्डर (thyroid disorder) और अन्य एंडोक्राइन समस्याएं (endocrine problems) भी इसमें योगदान दे सकती हैं।
- साइकोजेनिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Psychogenic erectile dysfunction)
मानसिक और भावनात्मक कारक यौन स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तनाव, चिंता, डिप्रेशन, परफॉर्मेंस का दबाव और रिलेशनशिप की समस्याएं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण बन सकती हैं या इसे और खराब कर सकती हैं।
- दवा-प्रेरित इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Drug-induced erectile dysfunction)
ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन या प्रोस्टेट की समस्याओं के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो इरेक्टाइल फंक्शन को प्रभावित करते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of erectile dysfunction?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण गंभीरता और बार-बार होने के मामले में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ पुरुषों में हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ को ज़्यादा लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आम लक्षणों में शामिल हैं:

- इरेक्शन पाने में दिक्कत: इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शुरुआती लक्षणों में से एक है सेक्सुअली उत्तेजित होने पर भी इरेक्शन पाने में परेशानी होना। यह शुरू में कभी-कभी हो सकता है लेकिन समय के साथ यह ज़्यादा बार हो सकता है।
- इरेक्शन बनाए रखने में असमर्थता: कुछ पुरुष इरेक्शन तो पा लेते हैं लेकिन सेक्स करने के लिए उसे ज़्यादा देर तक बनाए नहीं रख पाते। इससे अक्सर निराशा होती है और सेक्सुअल आत्मविश्वास कम हो जाता है।
- इरेक्शन में कम मज़बूती: इरेक्शन पेनिट्रेशन के लिए उतना मज़बूत नहीं हो सकता, जिससे दोनों पार्टनर की सेक्सुअल संतुष्टि पर असर पड़ सकता है।
- सेक्स की इच्छा में कमी: इरेक्टाइल डिसफंक्शन के साथ कभी-कभी लो लिबिडो (Low libido) भी होता है। हार्मोनल असंतुलन, तनाव या इमोशनल समस्याओं (Emotional problems) से सेक्स में रुचि कम हो सकती है।
- परफॉर्मेंस एंग्जायटी: सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान फेल होने का डर इरेक्टाइल डिसफंक्शन को और खराब कर सकता है, जिससे एक ऐसा चक्र बन जाता है जहाँ एंग्जायटी इरेक्शन (Anxiety erection) की क्वालिटी को और प्रभावित करती है।
- सुबह के इरेक्शन में कमी: स्वस्थ पुरुषों को अक्सर सुबह अपने आप इरेक्शन होता है। इसमें ध्यान देने लायक कमी किसी अंदरूनी शारीरिक कारण का संकेत हो सकती है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या कारण हैं? What are the causes of erectile dysfunction?
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन आमतौर पर शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारणों के कॉम्बिनेशन से होता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के शारीरिक कारण
- खराब ब्लड सर्कुलेशन
- डायबिटीज
- हाई ब्लड प्रेशर
- दिल की बीमारी
- मोटापा
- हार्मोनल असंतुलन
- किडनी या लिवर की पुरानी बीमारी
- नसों को नुकसान
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के मनोवैज्ञानिक कारण
- तनाव और चिंता
- डिप्रेशन
- कम आत्म-सम्मान
- परफॉर्मेंस एंग्जायटी
- रिलेशनशिप की समस्याएं
लाइफस्टाइल से जुड़े कारण
- धूम्रपान
- बहुत ज़्यादा शराब पीना
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- खराब डाइट
- पूरी नींद न लेना
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के प्रभावी इलाज के लिए इसके मूल कारण की पहचान करना ज़रूरी है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के जोखिम कारक क्या हैं? What are the risk factors for erectile dysfunction?
कई फैक्टर इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने का खतरा बढ़ाते हैं। हर रिस्क फैक्टर इरेक्शन की हेल्थ को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता है:

- उम्र बढ़ना: जैसे-जैसे पुरुषों की उम्र बढ़ती है, ब्लड फ्लो और नर्व की सेंसिटिविटी कम हो सकती है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि उम्र बढ़ना खुद कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है।
- डायबिटीज: उच्च रक्त शर्करा स्तर (High blood sugar levels) ब्लड वेसल्स और नर्व्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे इरेक्शन पाने की क्षमता सीधे प्रभावित होती है।
- दिल और ब्लड वेसल्स के विकार: हाई ब्लड प्रेशर और एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) जैसी स्थितियां लिंग में ब्लड फ्लो को सीमित करती हैं, जो इरेक्शन के लिए ज़रूरी है।
- मोटापा: शरीर का ज़्यादा वज़न हार्मोनल असंतुलन, टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी और खराब ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा है, ये सभी ED में योगदान करते हैं।
- धूम्रपान और शराब का सेवन: धूम्रपान ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जबकि ज़्यादा शराब नर्व सिग्नल्स और हार्मोन के स्तर में बाधा डालती है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
- तनाव और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं: चिंता, डिप्रेशन और पुराना तनाव यौन उत्तेजना में बाधा डाल सकते हैं और इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षणों को खराब कर सकते हैं।
- गतिहीन जीवनशैली: शारीरिक गतिविधि की कमी कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य (Cardiovascular health) को प्रभावित करती है, जो स्वस्थ इरेक्शन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का निदान कैसे किया जाता है? How is erectile dysfunction diagnosed?
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के निदान में सही कारण का पता लगाने के लिए एक विस्तृत मेडिकल जांच शामिल होती है।
- मेडिकल हिस्ट्री
डॉक्टर लक्षणों, सेक्सुअल हिस्ट्री, लाइफस्टाइल की आदतों और मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में सवाल पूछेंगे।
- शारीरिक जांच
शारीरिक जांच में ब्लड प्रेशर, दिल की सेहत, जननांगों की सेहत और हार्मोनल असंतुलन के लक्षणों की जांच शामिल हो सकती है।
- ब्लड टेस्ट
ब्लड टेस्ट टेस्टोस्टेरोन के स्तर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और समग्र मेटाबॉलिक स्वास्थ्य का आकलन करने में मदद करते हैं।
- मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
अगर तनाव, चिंता या डिप्रेशन का संदेह है, तो मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन की सलाह दी जा सकती है।
- विशेष टेस्ट (यदि आवश्यक हो)
कुछ मामलों में, ब्लड फ्लो या नर्व फंक्शन का मूल्यांकन करने के लिए टेस्ट की सलाह दी जा सकती है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शुरुआती निदान जटिलताओं को रोकने और इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करता है।
क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन स्थायी होता है? Is erectile dysfunction permanent?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन हमेशा स्थायी नहीं होता है। कई मामलों में, यह ठीक हो सकता है, खासकर जब यह लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों, तनाव, या अस्थायी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होता है। शुरुआती जांच और सही इरेक्टाइल डिसफंक्शन ट्रीटमेंट से ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, जब ED डायबिटीज या नर्व डैमेज जैसी पुरानी बीमारियों से जुड़ा होता है, तो पूरी तरह ठीक होने के बजाय लंबे समय तक इलाज की ज़रूरत हो सकती है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज कैसे किया जाता है? How is erectile dysfunction treated?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज इसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। अक्सर मेडिकल, लाइफस्टाइल और साइकोलॉजिकल तरीकों का कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
- लाइफस्टाइल में बदलाव
लाइफस्टाइल में कुछ आसान बदलाव करने से इरेक्शन फंक्शन में काफी सुधार हो सकता है:
- ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने के लिए रेगुलर फिजिकल एक्सरसाइज
- हेल्दी वज़न बनाए रखना
- स्मोकिंग छोड़ना और शराब का सेवन कम करना
- रिलैक्सेशन टेक्नीक से स्ट्रेस मैनेज करना
- दवाएं
लिंग (penis) में ब्लड फ्लो बढ़ाने के लिए आमतौर पर मुंह से लेने वाली दवाएं दी जाती हैं। ये दवाएं पुरुषों को सेक्सुअली उत्तेजित (Sexually aroused) होने पर इरेक्शन पाने और बनाए रखने में मदद करती हैं। साइड इफेक्ट्स और इंटरैक्शन से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
- हार्मोनल थेरेपी
अगर इरेक्टाइल डिसफंक्शन कम टेस्टोस्टेरोन लेवल (Low testosterone levels) से जुड़ा है, तो सही जांच के बाद हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की सलाह दी जा सकती है।
- साइकोलॉजिकल काउंसलिंग
जिन पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन स्ट्रेस, एंग्जायटी या इमोशनल दिक्कतों के कारण होता है, उनके लिए थेरेपी या काउंसलिंग बहुत असरदार हो सकती है। मेंटल हेल्थ को ठीक करने से सेक्सुअल परफॉर्मेंस और ओवरऑल वेल-बीइंग दोनों बेहतर होते हैं।
- मेडिकल डिवाइस
वैक्यूम इरेक्शन डिवाइस (Vacuum erection device) पेनिस में खून खींचने और कंस्ट्रिक्शन रिंग का इस्तेमाल करके इरेक्शन बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उन पुरुषों के लिए उपयोगी हैं जो दवाएं नहीं ले सकते।
- सर्जिकल ऑप्शन
गंभीर मामलों में जहां दूसरे इलाज फेल हो जाते हैं, वहां पेनिस इम्प्लांट जैसी सर्जिकल प्रक्रियाओं को लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन के तौर पर सोचा जा सकता है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए डाइट | Diet for erectile dysfunction
एक हेल्दी डाइट ब्लड फ्लो और हार्मोन बैलेंस को सपोर्ट करके इरेक्टाइल फंक्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। फायदेमंद खाने की चीज़ों में शामिल हैं:
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल, जैसे बेरी और अनार
- पत्तेदार हरी सब्जियां जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती हैं
- दिल की सेहत के लिए साबुत अनाज
- नट्स और बीज जो टेस्टोस्टेरोन के प्रोडक्शन में मदद करते हैं
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फैटी मछली
प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा चीनी और अनहेल्दी फैट को कम करने से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारणों को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए कौन से विटामिन ज़रूरी हैं? Which vitamins are important for erectile dysfunction?
विटामिन ब्लड फ्लो, हार्मोन बैलेंस और नर्व फंक्शन को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं, ये सभी हेल्दी इरेक्शन के लिए ज़रूरी हैं।
- विटामिन D: विटामिन D ब्लड वेसल की हेल्थ और टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है। विटामिन D का कम लेवल आमतौर पर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से जुड़ा होता है।
- विटामिन B12: विटामिन B12 हेल्दी नर्व फंक्शन और एनर्जी लेवल बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी से नर्व डैमेज और सेक्सुअल परफॉर्मेंस (sexual performance) में कमी आ सकती है।
- विटामिन B9 (फोलेट): फोलेट ब्लड सर्कुलेशन और नाइट्रिक ऑक्साइड प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है, जो इरेक्शन पाने और बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
- विटामिन C: विटामिन C हेल्दी ब्लड वेसल को सपोर्ट करके और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है, जो इरेक्टाइल फंक्शन को प्रभावित कर सकता है।
- विटामिन E: विटामिन E एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और ब्लड वेसल की रक्षा करने में मदद करता है, जिससे ओवरऑल सेक्सुअल हेल्थ को सपोर्ट मिलता है।
विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, नट्स, बीज और साबुत अनाज को अपने खाने में शामिल करने से स्वाभाविक रूप से इरेक्टाइल फंक्शन को सपोर्ट मिल सकता है।
इरेक्शन बढ़ाने के घरेलू उपाय | Home remedies to increase erection
ऐसे कई घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव हैं जो इरेक्शन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- डाइट:अपनी डाइट में ढेर सारे फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज और कम सैचुरेटेड फैट वाली चीज़ों को शामिल करें।
- व्यायाम: शारीरिक रूप से एक्टिव रहें, रोजाना दौड़ लगाएं, जॉगिंग करें या साइकिल चलाएं। नियमित रूप से व्यायाम करें।
- वजन: यदि आपका वजन अधिक है तो वजन कम करें और आवश्यकता से कम से एक्सपर्ट की मदद से सही वजन पाएं।
- नींद: इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मुख्य कारणों में से एक है पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेना। पर्याप्त मात्रा में गुड क्वालिटी नींद लें।
- नशीले पदार्थों को न कहें: शराब, सिगरेट या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन बंद करें। इससे फर्टिलिटी बूस्ट होती है और इरेक्टाइल डिसफंक्शन से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।
- तनाव: तनाव और चिंता इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मुख्य कारण हैं। इन्हें मैनेज करना इस समस्या को दूर करने की ओर पहला कदम है।
इन सबके अलावा, नियमित रूप से मेडिटेशन और योग करें। मल्टीविटामिन और मल्टीमिनरल जैसे आहार अनुपूरक को डाइट में शामिल करें।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाव | Prevention of Erectile Dysfunction
स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्या को मैनेज करके, इरेक्टाइल डिसफंक्शन को रोका जा सकता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचाव करने के लिए आपको निम्न का पालन करने का सुझाव दिया जाता है:
- व्यायाम:नियमित रूप से व्यायाम करना इरेक्टाइल डिसफंक्शन से बचने में कई तरह से मदद कर सकती है, जैसे कि तनाव कम करना, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाना और वजन कम करना। तेज़ चलना, जॉगिंग, तैराकी, साइकिल चलाना या रस्सी कूदना जैसे व्यायाम, शुरुआती इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने में मदद भी कर सकते हैं।
- हेल्दी डाइट लें: एक स्वस्थ डाइट प्लान आपको स्वस्थ वजन बनाए रखने और ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है। साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ, कम फैट वाले डेयरी खाद्य पदार्थ, फल और सब्जियों का सेवन करें। अधिक फैट वाले खाद्य पदार्थों, खासकर सैचुरेटेड फैट और सोडियम से बचें।
- धूम्रपान को न कहें: धूम्रपान इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण बन सकता है या इसकी स्थिति को गंभीर बना सकता है। अत्यधिक शराब पीने से मस्तिष्क से रीढ़ की हड्डी तक संदेशों का प्रवाह धीमा और टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है जिससे यह समस्या पैदा होती है। नशीले पदार्थों का सेवन बंद कर दें।
- तनाव को मैनेज करें: ऐसी गतिविधियों में खुद को शामिल करें जिससे आपको ख़ुशी और दिमाग को आराम एवं शांत करने में मदद मिलती हो। दोस्तों और परिवार वालों के साथ समय बिताएं, अपने मन पसंद की फिल्म देखें, किताबें पढ़ें और म्यूजिक सुनें।
- मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के लिए सहायता प्राप्त करें: अगर आप चिंता, डिप्रेशन या अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अनुभव कर रहे हैं तो डॉक्टर की मदद लें।
- रिश्ते के मुद्दों पर काम करें: अगर आपको अपने साथी के साथ बातचीत करने या किसी प्रकार की समस्याओं से निपटने में परेशानी हो रही है तो कपल कंसलटेशन पर विचार करें।
इन सबके अलावा, नियमित जांच और मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।
निष्कर्ष
इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक आम लेकिन इलाज योग्य स्थिति है जो एक आदमी के आत्मविश्वास और रिश्तों को प्रभावित कर सकती है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षणों को पहचानना, इसके कारणों को समझना और समय पर इलाज करवाना बहुत बड़ा फर्क ला सकता है। सही मेडिकल देखभाल, जीवनशैली में बदलाव और भावनात्मक सहारे से, ज़्यादातर पुरुष स्वस्थ यौन क्रिया फिर से पा सकते हैं और अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?
सबसे तेज़ तरीका कारण पर निर्भर करता है। दवाएं और जीवनशैली में बदलाव अक्सर जल्दी सुधार लाते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है?
इरेक्टाइल डिसफंक्शन यौन गतिविधि के लिए ज़रूरी इरेक्शन को नियमित रूप से पाने या बनाए रखने में असमर्थता है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) के कारण क्या हैं?
आम कारणों में खराब रक्त प्रवाह, तंत्रिका क्षति, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, मधुमेह, मोटापा, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन शामिल हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक होने में कितना समय लगता है?
ठीक होने का समय अलग-अलग होता है। कुछ पुरुषों में हफ्तों में सुधार दिखता है, जबकि दूसरों को लंबे समय तक इलाज की ज़रूरत हो सकती है।
लिंग के इरेक्शन में क्या समस्या है?
समस्या में आमतौर पर रक्त प्रवाह में कमी, तंत्रिका संकेत में रुकावट, या मनोवैज्ञानिक कारक शामिल होते हैं जो एक मज़बूत इरेक्शन को रोकते हैं।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए कौन से खाद्य पदार्थ अच्छे हैं?
जो खाद्य पदार्थ दिल के स्वास्थ्य को सहारा देते हैं, जैसे फल, सब्जियां, मेवे, साबुत अनाज और ओमेगा-3 से भरपूर मछली, इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए फायदेमंद होते हैं।
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