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क्या खाने से स्पर्म ज्यादा बनता है? – kya khane se sperm badhta hai

क्या खाने से स्पर्म ज्यादा बनता है? – kya khane se sperm badhta hai

Dr. Shivika Gupta
Dr. Shivika Gupta

MBBS , MD, MS (OBG) Fellowship in Reproductive Medicine

12+ Years of experience

Table of Contents


  1. स्पर्म बढ़ने के लिए कौन से फल का सेवन करें?
  2. स्पर्म बढ़ने के लिए कौन सी सब्जियों का सेवन करें?
  3. स्पर्म बढ़ाने में डाइट की क्या भूमिका है?
    1. 1. स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी में क्या अंतर है?
    2. 2. पोषक तत्व स्पर्म हेल्थ को कैसे प्रभावित करते हैं?
    3. 3. स्पर्म बनने में कितना समय लगता है?
  4. स्पर्म की संख्या कम क्यों होती है?
  5. स्पर्म की संख्या कम होने से कैसे बचें?
  6. स्पर्म काउंट कम है तो कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?
    1. सीमेन एनालिसिस क्या है?
    2. सीमेन एनालिसिस में किन चीजों की जांच होती है?
    3. कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
  7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    1. कौन से खाद्य पदार्थ शुक्राणु को गाढ़ा और मजबूत बनाते हैं?
    2. मैं अपना स्पर्म काउंट तेजी से कैसे बढ़ा सकता हूं?
    3. कौन से फल तेजी से शुक्राणु पैदा करने में मदद करते हैं?

शुक्राणु की मात्रा को बढ़ाने के लिए सही आहार प्रणाली अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, ध्यान देने योग्य एकमात्र आहार संबंधी उपाय या खाद्य पदार्थ नहीं है जो स्पर्म की मात्रा या गुणवत्ता को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकें। फिर भी, स्वस्थ आहार प्रणाली के अनुसार आहार लेने से शुक्राणुओं की कुछ मात्रा में उन्नति हो सकती है।

अगर आप शुक्राणु की मात्रा को बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको स्वस्थ और पूर्णता भोजन का सेवन करना चाहिए जिसमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • पूर्ण आहार :पोषक और संतुलित आहार सेवन करें, जिसमें फल, सब्जियां, पूर्ण अनाज, प्रोटीन स्रोत (जैसे कि दूध, दही, मांस, मछली, अंडे) और नट्स शामिल हों
  • विटामिन और मिनरल: अपनी डाइट में विटामिन C, विटामिन E, सीलेनियम और इंडोल-3-कार्बिनॉल (यह शाकाहारी भोजन में पाया जा सकता है) जैसे पोषक तत्वों को शामिल करने की कोशिश करें। इन तत्वों को मसाले, सब्जियों और पौधों से प्राप्त किया जा सकता है।
  • हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी, नारीयल का पानी और फलों का रस पिएं, क्योंकि यह आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
  • स्वस्थ वजन: संतुलित वजन बनाए रखें, क्योंकि अतिरिक्त वजन शुक्राणु गुणवत्ता पर असर डाल सकता है। मोटापा से बचने के लिए नियमित व्यायाम करें।
  • नियमित व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधि करें, क्योंकि यह आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।

शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को निरंतर बढ़ाने के लिए इन चीजों के अलावा आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और अन्य किसी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

स्पर्म बढ़ने के लिए कौन से फल का सेवन करें?

शुक्राणु की मात्रा बढ़ाने के लिए निम्नलिखित फलों का सेवन किया जा सकता है, जो पौष्टिकता और पोषक तत्वों का उच्च स्तर प्रदान करते हैं:

  • आम: आम में विटामिन C, बीटा-कैरोटीन, विटामिन E, फोलेट और पोटेशियम होता है, जो शुक्राणुओं के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है
  • केला: केला फोलेट, विटामिन C, विटामिन B6 और मैग्नीशियम से भरपूर होता है और शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ा सकता है।
  • अखरोट: अखरोट उच्च मात्रा में प्रोटीन, आर्गिनीन और विटामिन E को स्पर्म की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
  • बेर: बेर विटामिन C, विटामिन A, विटामिन E, फोलेट और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है जो शुक्राणुओं को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
  • अंजीर: अंजीर में विटामिन C, विटामिन A, कैल्शियम और फोलेट मौजूद होता है, जो शुक्राणुओं के विकास और स्वास्थ्य को बढ़ा सकता है।

यदि शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आप फलों का सेवन करना चाहते हैं, तो इन फलों को आपके आहार में शामिल करने का प्रयास करें। वैसे ही ध्यान दें कि स्वस्थ आहार पूर्णता भोजन का संयमित सेवन करने के साथ-साथ अन्य स्वस्थ जीवनशैली तत्वों को भी शामिल करना चाहिए।

स्पर्म बढ़ने के लिए कौन सी सब्जियों का सेवन करें?

शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए निम्नलिखित सब्जियों का सेवन किया जा सकता है:

  • पालक: पालक में फोलेट, विटामिन C, विटामिन E और लुटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शुक्राणुओं के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं।
  • ब्रोकोली: ब्रोकोली में विटामिन C, बीटा-कैरोटीन, विटामिन E, जिंक और सेलेनियम होता है, जो शुक्राणुओं के गुणवत्ता को सुधारने में मदद कर सकते हैं
  • गाजर: गाजर बीटा-कैरोटीन, विटामिन C, पोटेशियम और लाइकोपीन के स्रोत होते हैं, जो शुक्राणुओं की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
  • टमाटर: टमाटर लाइकोपीन, विटामिन C, विटामिन A और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो शुक्राणुओं को स्वस्थ बनाने में मदद कर सकता है।
  • लहसुन: लहसुन में एलीसिन, सेलेनियम और विटामिन B6 होता है, जो शुक्राणुओं के स्वास्थ्य और मात्रा को सुधारने में मदद कर सकता है।

यदि आप शुक्राणुओं की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सब्जियों का सेवन करना चाहते हैं, तो आप इन सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें। साथ ही, स्वस्थ आहार के साथ-साथ अन्य स्वस्थ जीवनशैली तत्वों का भी ध्यान रखें।

स्पर्म बढ़ाने में डाइट की क्या भूमिका है?

संतुलित और पौष्टिक आहार पुरुषों की प्रजनन क्षमता और स्पर्म स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, जिंक, फोलेट, विटामिन सी, विटामिन ई, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट मिलने से सामान्य रूप से स्पर्म बनने की प्रक्रिया और उनकी गुणवत्ता को सहारा मिल सकता है। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ से स्पर्म की संख्या तुरंत बढ़ने की गारंटी नहीं होती। पौष्टिक आहार के साथ नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव को नियंत्रित करना और धूम्रपान व अत्यधिक शराब से बचना भी जरूरी है।

1. स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी में क्या अंतर है?

स्पर्म काउंट का मतलब वीर्य में मौजूद स्पर्म की संख्या या उनकी सांद्रता से है, जबकि स्पर्म क्वालिटी में स्पर्म की गतिशीलता, आकार और संरचना जैसे पहलू शामिल होते हैं। इसलिए पुरुष प्रजनन क्षमता का आकलन केवल स्पर्म की संख्या के आधार पर नहीं किया जाता। कुछ मामलों में स्पर्म की संख्या सामान्य होने के बावजूद उनकी गतिशीलता या संरचना में समस्या हो सकती है। जरूरत पड़ने पर सीमन एनालिसिस के माध्यम से स्पर्म से जुड़े इन विभिन्न मानकों की जांच की जाती है।

2. पोषक तत्व स्पर्म हेल्थ को कैसे प्रभावित करते हैं?

कुछ विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट स्पर्म बनने की सामान्य प्रक्रिया और उनकी गुणवत्ता को सहारा दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, जिंक सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन सी और विटामिन ई शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से कोशिकाओं की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं। वहीं, फोलेट, विटामिन बी12 और ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं। इन्हें फल, सब्जियां, मेवे, बीज, साबुत अनाज, दालें और डेयरी उत्पाद जैसे संतुलित खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है।

3. स्पर्म बनने में कितना समय लगता है?

स्पर्म बनने और उनके परिपक्व होने की पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 2 से 3 महीने लग सकते हैं। इसलिए आहार और जीवनशैली में किए गए बदलावों का प्रभाव तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है। स्पर्म स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली को लगातार अपनाना महत्वपूर्ण है। यदि लंबे समय से स्पर्म काउंट कम है या गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना उचित रहता है।

स्पर्म की संख्या कम क्यों होती है?

स्पर्म की संख्या कम होने के कई कारण हो सकते हैं. यहां कुछ मुख्य कारण दिए गए हैं:

  • वृद्धि उम्र: मानवों में उम्र बढ़ने के साथ, शुक्राणुओं की मात्रा में कमी हो सकती है।
  • शरीरिक रोग या आपातकालीन परिस्थितियाँ: शरीरिक रोग या आपातकालीन परिस्थितियाँ, जैसे कि शरीरिक गर्मी या चिकित्सा इलाज, शुक्राणुओं की संख्या में कमी का कारण बन सकती हैं।
  • शारीरिक उपयोग: लंबे समय तक बैठे रहना, अत्यधिक शारीरिक तनाव, उच्च तापमान या अत्यधिक गर्मी, तंबाकू का सेवन, अत्यधिक शराब पीना, शरीर में अनुकरणीय रासायनिक पदार्थों का उपयोग, या अन्य कारणों से शुक्राणुओं की मात्रा में कमी हो सकती है।

यदि आपको संदेह है कि आपकी स्पर्म की संख्या में कमी हो सकती है तो आपको एक डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। वे आपकी स्थिति का मूल कारण निर्धारित करके उपचार या समाधान का सुझाव देंगे।

स्पर्म की संख्या कम होने से कैसे बचें?

स्पर्म की संख्या को कम होने से बचाने के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन कर सकते हैं:

  • स्वस्थ आहार: पोषणपूर्ण आहार लेना शुक्राणुओं के स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद कर सकता है। संतुलित डाइट में फल, सब्जी, पूरे अनाज, प्रोटीन स्रोत और पोषक तत्वों से भरपूर आहार शामिल करें।
  • सेहतमंद जीवनशैली: योग, ध्यान और व्यायाम के माध्यम से तनाव कम करें। समय-समय पर नियमित रूप से व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना शुक्राणुओं के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है। शराब और धूम्रपान से दूर रहें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
  • नकारात्मक प्रभावों से बचें: उच्च तापमान, शराब, नशीली दवाएं और अनुकरणीय रासायनिक पदार्थों से दूर रहें। यह सभी चीजें शुक्राणुओं को प्रभावित कर सकती हैं और संख्या में कमी का कारण बन सकती हैं।
  • उच्च तापमान से बचें: शुक्राणुओं को उच्च तापमान से बचाएं, जैसे कि गर्म घर में रहने से या लंबी गर्मियों में धूप में लंबे समय तक रहने से। नियमित अवधि में शावासन और रेगुलर शावासन लेना भी मददगार हो सकता है।
  • नियमित विशेषज्ञ की जांच: यदि आपको संदेह है कि आपकी स्पर्म की संख्या में कमी है, तो एक विशेषज्ञ से सलाह लें और नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं। डॉक्टर आपकी स्थिति का मूल कारण निर्धारित करेंगे और उपचार या समाधान की सलाह देंगे।

यहां दिए गए उपाय आपको स्पर्म की संख्या को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन यदि आपको चिकित्सा सलाह की आवश्यकता है, तो इस बारे में एक विशेषज्ञ से परामर्श करना सबसे अच्छा होगा।

स्पर्म काउंट कम है तो कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए?

यदि स्पर्म काउंट कम होने का संदेह है या लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर सीमन एनालिसिस की सलाह दे सकते हैं। यह एक सामान्य जांच है, जिसके माध्यम से वीर्य और उसमें मौजूद स्पर्म की स्थिति का आकलन किया जाता है। जांच के परिणामों के आधार पर डॉक्टर जरूरत पड़ने पर कुछ अन्य जांचों की सलाह भी दे सकते हैं, जैसे हार्मोन से जुड़ी जांच या शारीरिक परीक्षण।

सीमेन एनालिसिस क्या है?

सीमन एनालिसिस एक प्रयोगशाला जांच है, जिसमें वीर्य के नमूने की जांच करके स्पर्म की संख्या और उनकी गुणवत्ता का आकलन किया जाता है। यह पुरुष प्रजनन क्षमता की शुरुआती जांचों में से एक है। इस जांच के लिए वीर्य का नमूना निर्धारित तरीके से एकत्र करके प्रयोगशाला में भेजा जाता है। परिणामों को समझने के लिए डॉक्टर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, मेडिकल हिस्ट्री और गर्भधारण की स्थिति को भी ध्यान में रखते हैं।

सीमेन एनालिसिस में किन चीजों की जांच होती है?

सीमन एनालिसिस के दौरान वीर्य और स्पर्म से जुड़े कई मानकों की जांच की जा सकती है। इनमें मुख्य रूप से स्पर्म की संख्या या सांद्रता, स्पर्म की गतिशीलता, स्पर्म का आकार और संरचना (मॉर्फोलॉजी), वीर्य की मात्रा और अन्य वीर्य संबंधी विशेषताएं शामिल होती हैं। इन सभी परिणामों को एक साथ देखकर डॉक्टर स्पर्म की स्थिति का बेहतर आकलन कर सकते हैं। यदि परिणाम सामान्य सीमा से अलग आते हैं, तो डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार दोबारा जांच या अन्य परीक्षण की सलाह दे सकते हैं।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

यदि नियमित रूप से असुरक्षित संबंध बनाने के बावजूद 12 महीने तक गर्भधारण नहीं होता है, तो पुरुष और महिला दोनों को प्रजनन विशेषज्ञ से सलाह लेने पर विचार करना चाहिए। यदि महिला साथी की उम्र 35 वर्ष या उससे अधिक है, तो लगभग 6 महीने प्रयास के बाद ही विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है। इसके अलावा, पहले से स्पर्म काउंट कम होने की जानकारी, अंडकोष से जुड़ी समस्या, यौन संबंध बनाने में परेशानी या ऐसी कोई स्वास्थ्य समस्या होने पर डॉक्टर से पहले भी सलाह ली जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन से खाद्य पदार्थ शुक्राणु को गाढ़ा और मजबूत बनाते हैं?

डी-एसपारटिक एसिड, विटामिन डी और जिंक युक्त खाद्य पदार्थ शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार करने और इसे बनावट में मोटा और स्थिरता में मजबूत बनाने में योगदान कर सकते हैं। आप उन फलों और सब्जियों का भी सेवन कर सकते हैं जो एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन सी और स्वस्थ वसा (पॉलीअनसेचुरेटेड वसा) होते हैं, वे भी मजबूत, मोटे शुक्राणु के लिए अच्छे होते हैं

मैं अपना स्पर्म काउंट तेजी से कैसे बढ़ा सकता हूं?

स्वस्थ भोजन खाने से आपके शुक्राणुओं की संख्या में सुधार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा आप विटामिन सी, विटामिन बी12, विटामिन डी, फोलेट जैसे सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। कोएंजाइम Q10, और ओमेगा-3 फैटी एसिड। जिन खाद्य पदार्थों में ये तत्व होते हैं, वे शुक्राणु की रिकवरी के लिए सबसे अच्छे भोजन होते हैं। यदि आप मध्यम मात्रा से अधिक शराब पीते हैं या नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं, तो इन आदतों को छोड़ने से भी शुक्राणुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि दिखाई देगी।

कौन से फल तेजी से शुक्राणु पैदा करने में मदद करते हैं?

पुरुष प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए फल कुछ बेहतरीन खाद्य पदार्थ हैं। कुछ फल जो तेजी से शुक्राणु पैदा करने में मदद कर सकते हैं वे हैं अमरूद, एवोकाडो, संतरा, अनार, केला और टमाटर। 

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