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Scrotum Meaning in Hindi: यूएसजी स्क्रोटम क्या है?

Scrotum Meaning in Hindi: यूएसजी स्क्रोटम क्या है?

Dr. Khushboo Goel
Dr. Khushboo Goel

MBBS, MS (Obstetrics & Gynaecology) – Gold Medallist

6+ Years of experience

Table of Contents


  1. यूएसजी स्क्रोटम का उपयोग
    1. टेस्टिकुलर गांठ का परीक्षण
    2. वृषण मरोड़ ढूँढना
    3. एपिडीडिमाइटिस का निर्धारण
    4. अण्डाकार अंडकोष ढूँढना
  2. यूएसजी स्क्रोटम किन समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है?
    1. 1. अंडकोष में गांठ या मास (Testicular Lump or Mass)
    2. 2. वैरीकोसेल (Varicocele)
    3. 3. हाइड्रोसील (Hydrocele)
    4. 4. टेस्टिकुलर टॉर्शन (Testicular Torsion)
    5. 5. संक्रमण और सूजन
    6. 6. अंडकोष में चोट (Testicular Injury)
    7. 7. अंडकोष के आकार में बदलाव
    8. 8. स्क्रोटल सूजन या असमानता
    9. 9. एपिडिडिमिस से जुड़ी समस्याएं
    10. 10. अंडकोष में रक्त प्रवाह की जांच
  3. पुरुष बांझपन में यूएसजी स्क्रोटम की क्या भूमिका है?
    1. 1. पुरुष बांझपन में यूएसजी स्क्रोटम कब किया जा सकता है?
    2. 2. क्या यूएसजी स्क्रोटम से पुरुष बांझपन का कारण पता चल सकता है?
    3. 3. पुरुष बांझपन में वैरीकोसेल की जांच में यूएसजी की क्या भूमिका है?
    4. 4. क्या यूएसजी स्क्रोटम से स्पर्म की गुणवत्ता पता चलती है?
    5. 5. क्या पुरुष बांझपन में डॉप्लर अल्ट्रासाउंड किया जाता है?
  4. यूएसजी स्क्रोटम की प्रक्रिया
  5. यूएसजी स्क्रोटम की तैयारी
  6. यूएसजी स्क्रोटम का खर्च कितना है?
  7. निष्कर्ष
  8. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
    1. क्या यूएसजी अंडकोश दर्दनाक है?
    2. क्या अल्ट्रासाउंड शुक्राणु को प्रभावित करता है?
    3. अल्ट्रासाउंड में प्रयुक्त जेल क्या है?
    4. क्या अल्ट्रासाउंड आपकी त्वचा को जला सकता है?

यूएसजी स्क्रोटम (Scrotal Ultrasound) एक इमेजिंग टेस्ट है, जिसमें ध्वनि तरंगों की मदद से पुरुष के अंडकोष (Testicles) और आसपास के ऊतकों की तस्वीरें बनाई जाती हैं। इस जांच के दौरान अंडकोष, एपिडिडिमिस (Epididymis) और अंडकोश (Scrotum) की जांच की जाती है। यूएसजी स्क्रोटम को अंडकोश का अल्ट्रासाउंड भी कहा जाता है। यह एक गैर-इनवेसिव प्रक्रिया है।

यूएसजी स्क्रोटम का उपयोग

स्क्रोटम टेस्ट का उपयोग विभिन्न प्रकार के स्क्रोटल, टेस्टिकुलर, या एपिडीडिमिस समस्याओं को देखने के लिए किया जाता है। यदि आपको लगता है कि अंडकोष या उनके आस-पास के क्षेत्रों में चोट लगी है या वहाँ दर्द या सूजन है तो इस स्थिति में डॉक्टर आपको यूएसजी स्क्रोटम का सुझाव दे सकते हैं।

निम्न स्थितियों में स्क्रोटम अल्ट्रासोनोग्राफी का सुझाव दिया जा सकता है:

  • अंडकोश में द्रव्यमान के स्थान और प्रकार की पहचान करना जिसे आप या डॉक्टर सिस्टिक या ठोस महसूस करते हैं
  • अंडकोश की चोटों के प्रभाव का निर्धारण करना
  • वृषण दर्द या सूजन के अंतर्निहित कारणों की पहचान करना, जैसे की मरोड़ या सूजन
  • वैरीकोसेल जैसी समस्या की उत्पत्ति का विश्लेषण करना
  • वृषण की अवरोही स्थिति की पुष्टि करना

इन सबके अलावा, यूएसजी स्क्रोटम के कुछ विशिष्ट उपयोगों में निम्न शामिल हैं:

  • टेस्टिकुलर गांठ का परीक्षण

अगर डॉक्टर को वृषण कैंसर के बारे में संदेह है तो वह एक अंडकोश की जाँच करते हैं। इस परीक्षण का उपयोग यह जांचने के लिए किया जाता है कि आपके अंडकोष में पाई जाने वाली गांठ में कैंसर होने की संभावना है या नहीं।

डॉक्टर अल्ट्रासाउंड इमेजिंग का उपयोग करके गांठ के आकार और स्थान को देख सकते हैं। यूएसजी अंडकोश के स्कैन भी डॉक्टर को यह निर्धारित करने में सहायता कर सकते हैं कि गांठ ठोस है या तरल पदार्थ से भरी हुई है, हानिरहित है या घातक है।

  • वृषण मरोड़ ढूँढना

अंडकोष का मरोड़ एक खतरनाक, कष्टदायी विकार है जिसके लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है। यह तब होता है जब स्पर्मेटिक कॉर्ड, जो रक्त के साथ अंडकोष को पोषण देता है, मुड़ जाता है।

वृषण मरोड़ की सीमा निर्धारित करने के लिए, आपको एक वृषण मरोड़ अल्ट्रासाउंड से गुजरना होता है, जिसके बाद सर्जरी होती है। वृषण ऊतक नष्ट हो जाएगा यदि वृषण मरोड़ रक्त की आपूर्ति बंद होने के कारण समय के साथ इलाज नहीं किया जाता है।

  • एपिडीडिमाइटिस का निर्धारण

एपिडीडिमिस कसकर कुंडलित ट्यूब है जो अंडकोष के पीछे शुक्राणु रखता है और ले जाता है। एपिडीडिमाइटिस तब होता है जब इस ट्यूब में सूजन आ जाती है। यह द्रव के संचय का कारण बनता है और अंडकोष के चारों ओर एक गांठ या सूजन का कारण बनता है।

एपिडीडिमाइटिस आमतौर पर लगभग 20-40% मामलों में संक्रमण के सीधे प्रसार के कारण होता है और पुरुषों में तीव्र अंडकोषीय दर्द का कारण बनता है। इसलिए, यदि आप अंडकोश में दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो डॉक्टर आपको यूएसजी अंडकोश परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं।

  • अण्डाकार अंडकोष ढूँढना

युवा पुरुष अक्सर अनडिसेंडेड टेस्टिकल्स की समस्या से प्रभावित होते हैं। अंडकोष सामान्य रूप से पेट के अंदर से भ्रूण के विकास के दौरान अंत में अंडकोश में शरीर के बाहर उतरना चाहिए। यह आमतौर पर प्रसव से पहले होता है, हालांकि यह प्रसव के छह महीने के भीतर भी हो सकता है।

यदि किसी लड़के के अंडकोष छह महीने की उम्र तक नहीं उतरे हैं तो किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। अनडिसेंडेड टेस्टिकल्स को खोजने के लिए पेशेवर यूएसजी स्क्रोटम का सुझाव देते हैं।

कुछ मामलों में, अंडकोष की जांच के बाद सर्जरी की जा सकती है। आमतौर पर, यह प्रक्रिया सरल होती है और सर्जन को अंडकोष को नीचे करने की आवश्यकता होती है ताकि वे अंडकोश में सही ढंग से बैठ सकें।

यूएसजी स्क्रोटम किन समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है?

यूएसजी स्क्रोटम अंडकोष, एपिडिडिमिस और अंडकोश के आसपास की संरचनाओं की जांच करने में मदद करता है। डॉक्टर इसे दर्द, सूजन, गांठ, आकार में बदलाव या अन्य असामान्यताओं का कारण समझने के लिए सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड की मदद से रक्त प्रवाह का भी आकलन किया जा सकता है।

यूएसजी स्क्रोटम निम्न समस्याओं की पहचान या मूल्यांकन में मदद कर सकता है:

1. अंडकोष में गांठ या मास (Testicular Lump or Mass)

अगर अंडकोष या अंडकोश में गांठ महसूस होती है, तो यूएसजी स्क्रोटम यह देखने में मदद कर सकता है कि गांठ तरल पदार्थ से बनी है, ठोस है या किसी अन्य संरचनात्मक बदलाव से जुड़ी है। किसी भी नई गांठ की डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

2. वैरीकोसेल (Varicocele)

वैरीकोसेल अंडकोश के अंदर मौजूद नसों के फैलने की स्थिति है। यूएसजी और जरूरत पड़ने पर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड से इन नसों और उनमें रक्त प्रवाह का मूल्यांकन करने में मदद मिल सकती है।

3. हाइड्रोसील (Hydrocele)

हाइड्रोसील में अंडकोष के आसपास तरल पदार्थ जमा होने के कारण अंडकोश में सूजन हो सकती है। अल्ट्रासाउंड इस तरल पदार्थ की मौजूदगी और अंडकोष की स्थिति का मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है।

4. टेस्टिकुलर टॉर्शन (Testicular Torsion)

टेस्टिकुलर टॉर्शन में अंडकोष को रक्त पहुंचाने वाली संरचना मुड़ सकती है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। डॉप्लर अल्ट्रासाउंड रक्त प्रवाह का आकलन करने में मदद कर सकता है।

अचानक और तेज अंडकोष के दर्द में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है, क्योंकि टेस्टिकुलर टॉर्शन एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है।

5. संक्रमण और सूजन

अंडकोष या एपिडिडिमिस में संक्रमण और सूजन होने पर अंडकोश में दर्द, लालिमा या सूजन हो सकती है। यूएसजी स्क्रोटम प्रभावित संरचनाओं का मूल्यांकन करने और लक्षणों के संभावित कारण को समझने में मदद कर सकता है।

6. अंडकोष में चोट (Testicular Injury)

अंडकोश या अंडकोष पर चोट लगने के बाद दर्द, सूजन या अन्य बदलाव होने पर डॉक्टर यूएसजी स्क्रोटम की सलाह दे सकते हैं। इससे अंडकोष और आसपास की संरचनाओं का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है।

7. अंडकोष के आकार में बदलाव

अगर एक या दोनों अंडकोष के आकार में असामान्य वृद्धि या कमी दिखाई देती है, तो अल्ट्रासाउंड से उनके आकार और संरचना का आकलन किया जा सकता है।

8. स्क्रोटल सूजन या असमानता

अगर दोनों तरफ के अंडकोश या अंडकोष के आकार में अंतर, सूजन या असामान्यता दिखाई देती है, तो यूएसजी स्क्रोटम इसके संभावित कारण का मूल्यांकन करने में मदद कर सकता है।

9. एपिडिडिमिस से जुड़ी समस्याएं

एपिडिडिमिस अंडकोष के पीछे स्थित एक छोटी संरचना है, जो शुक्राणुओं के परिवहन और परिपक्वता में भूमिका निभाती है। यूएसजी स्क्रोटम के दौरान एपिडिडिमिस को भी देखा जा सकता है, जिससे उसमें सूजन, सिस्ट या अन्य असामान्यताओं का मूल्यांकन किया जा सकता है।

10. अंडकोष में रक्त प्रवाह की जांच

डॉप्लर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से अंडकोष में रक्त प्रवाह को देखा जा सकता है। यह विशेष रूप से अचानक अंडकोष के दर्द या ऐसी स्थितियों में उपयोगी हो सकता है, जिनमें रक्त प्रवाह प्रभावित होने की आशंका हो।

ध्यान दें: यूएसजी स्क्रोटम किसी समस्या की पहचान या मूल्यांकन में मदद करता है, लेकिन केवल अल्ट्रासाउंड के आधार पर हर स्थिति का अंतिम निदान नहीं किया जाता। डॉक्टर लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत के अनुसार अन्य टेस्ट के परिणामों को भी ध्यान में रखते हैं।

पुरुष बांझपन में यूएसजी स्क्रोटम की क्या भूमिका है?

पुरुष बांझपन (Male Infertility) के मूल्यांकन में यूएसजी स्क्रोटम कुछ स्थितियों की पहचान और मूल्यांकन में मदद कर सकता है। हालांकि, हर पुरुष में बांझपन की शुरुआती जांच के दौरान स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड जरूरी नहीं होता। डॉक्टर आमतौर पर मेडिकल हिस्ट्री, शारीरिक जांच और सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis) जैसे परीक्षणों के आधार पर तय करते हैं कि यूएसजी स्क्रोटम की आवश्यकता है या नहीं।

1. पुरुष बांझपन में यूएसजी स्क्रोटम कब किया जा सकता है?

अगर डॉक्टर को अंडकोष या अंडकोश से जुड़ी किसी संरचनात्मक समस्या का संदेह हो, तो यूएसजी स्क्रोटम की सलाह दी जा सकती है। यह विशेष रूप से तब उपयोगी हो सकता है जब शारीरिक जांच से अंडकोष या स्पर्मैटिक कॉर्ड की नसों का सही मूल्यांकन करना मुश्किल हो।

यूएसजी स्क्रोटम निम्न स्थितियों के मूल्यांकन में मदद कर सकता है:

  • वैरीकोसेल (Varicocele): अंडकोश की नसों के फैलने की स्थिति, जो कुछ पुरुषों में असामान्य सीमेन पैरामीटर और बांझपन से जुड़ी हो सकती है।
  • अंडकोष के आकार और संरचना में बदलाव: अल्ट्रासाउंड से दोनों अंडकोषों के आकार और उनकी संरचना का मूल्यांकन किया जा सकता है।
  • अंडकोष या एपिडिडिमिस की असामान्यताएं: सिस्ट, सूजन या अन्य संरचनात्मक बदलावों की जांच में मदद मिल सकती है।
  • ब्लड फ्लो की जांच: कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड से अंडकोष और आसपास की रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह का आकलन किया जा सकता है।

2. क्या यूएसजी स्क्रोटम से पुरुष बांझपन का कारण पता चल सकता है?

यूएसजी स्क्रोटम पुरुष बांझपन के कुछ संभावित कारणों की पहचान करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह अकेले पुरुष बांझपन का पूरा कारण निर्धारित नहीं करता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार सीमेन एनालिसिस, हार्मोन टेस्ट, शारीरिक जांच और अन्य जांचों के परिणामों को साथ में देखते हैं।

3. पुरुष बांझपन में वैरीकोसेल की जांच में यूएसजी की क्या भूमिका है?

वैरीकोसेल की पहचान अक्सर शारीरिक जांच से की जा सकती है। यदि शारीरिक जांच पर्याप्त स्पष्ट न हो, तो कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड से स्पर्मैटिक कॉर्ड की नसों और उनमें रक्त प्रवाह का मूल्यांकन किया जा सकता है।

4. क्या यूएसजी स्क्रोटम से स्पर्म की गुणवत्ता पता चलती है?

यूएसजी स्क्रोटम सीधे तौर पर स्पर्म काउंट, स्पर्म मोटिलिटी या स्पर्म मॉर्फोलॉजी को नहीं मापता। इन पैरामीटर का मूल्यांकन मुख्य रूप से सीमेन एनालिसिस से किया जाता है। हालांकि, अल्ट्रासाउंड ऐसी कुछ संरचनात्मक स्थितियों की पहचान करने में मदद कर सकता है जो पुरुष प्रजनन क्षमता से संबंधित हो सकती हैं।

5. क्या पुरुष बांझपन में डॉप्लर अल्ट्रासाउंड किया जाता है?

कुछ मामलों में डॉक्टर स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड के साथ कलर डॉप्लर का उपयोग कर सकते हैं। इससे अंडकोष और आसपास की रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह का मूल्यांकन किया जाता है। वैरीकोसेल के मूल्यांकन में भी डॉप्लर उपयोगी हो सकता है।

ध्यान दें: पुरुष बांझपन की जांच हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। यूएसजी स्क्रोटम की जरूरत लक्षणों, शारीरिक जांच और अन्य टेस्ट के परिणामों के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं। यदि गर्भधारण में कठिनाई हो रही है, तो उचित फर्टिलिटी मूल्यांकन के लिए यूरोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

यूएसजी स्क्रोटम की प्रक्रिया

टेस्टिकुलर अल्ट्रासोनोग्राफी में विशेषज्ञता रखने वाला सोनोग्राफर, यूरोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट यह जांच कर सकता है। परीक्षण शुरू होने से पहले आपको प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है।

यूएसजी स्क्रोटम के दौरान:

  1. आपको अस्पताल का गाउन पहनने के लिए कहा जा सकता है।
  2. आपको जांच की टेबल पर पीठ के बल लेटना होता है।
  3. जरूरत के अनुसार आपको अपनी स्थिति बदलने के लिए कहा जा सकता है।
  4. अंडकोश की त्वचा पर पानी आधारित जेल लगाया जाता है।
  5. ट्रांसड्यूसर को अंडकोश के ऊपर धीरे-धीरे चलाकर तस्वीरें ली जाती हैं।
  6. जरूरत पड़ने पर डॉप्लर की मदद से रक्त प्रवाह की भी जांच की जाती है।
  7. जांच पूरी होने के बाद जेल को साफ कर दिया जाता है।

आमतौर पर यूएसजी स्क्रोटम में लगभग 15–30 मिनट लग सकते हैं। जांच के बाद विशेषज्ञ अल्ट्रासाउंड इमेज का मूल्यांकन करके रिपोर्ट तैयार करता है।

यूएसजी स्क्रोटम की तैयारी

यूएसजी स्क्रोटम के लिए आमतौर पर किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, जांच केंद्र या डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।

जांच से पहले:

  • आरामदायक और ढीले कपड़े पहनें।
  • अंडकोश का क्षेत्र साफ रखें।
  • यदि कोई विशेष निर्देश दिए गए हों, तो उनका पालन करें।
  • अपनी वर्तमान समस्या, दर्द, सूजन या चोट के बारे में डॉक्टर को जानकारी दें।

यूएसजी स्क्रोटम का खर्च कितना है?

यूएसजी स्क्रोटम की कीमत अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, शहर और जांच के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। यदि डॉप्लर अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता हो, तो लागत अलग हो सकती है।

इसलिए जांच कराने से पहले संबंधित अस्पताल या डायग्नोस्टिक सेंटर से वर्तमान शुल्क की पुष्टि करना बेहतर है।

निष्कर्ष

यूएसजी स्क्रोटम अंडकोष, एपिडिडिमिस और अंडकोश से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के मूल्यांकन में उपयोगी इमेजिंग टेस्ट है। अंडकोष में दर्द, सूजन, गांठ, चोट या अन्य असामान्यता होने पर डॉक्टर इसकी सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में डॉप्लर अल्ट्रासाउंड के माध्यम से रक्त प्रवाह का भी मूल्यांकन किया जाता है।

यदि आपको अंडकोश में दर्द, सूजन या गांठ जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर उचित जांच करवाएं। आप निकटतम बिरला फर्टिलिटी एंड आई.वी.एफ सेंटर में परामर्श ले सकते हैं या इस पेज के ऊपर दिए गए फोन नंबर और अपॉइंटमेंट फॉर्म के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यूएसजी अंडकोश दर्दनाक है?

नहीं, यूएसजी स्क्रोटम आमतौर पर दर्दनाक नहीं होता। ट्रांसड्यूसर को अंडकोश की त्वचा पर धीरे-धीरे चलाया जाता है। हालांकि, अगर पहले से चोट, सूजन या दर्द हो, तो जांच के दौरान थोड़ी असुविधा महसूस हो सकती है।

क्या अल्ट्रासाउंड शुक्राणु को प्रभावित करता है?

रूटीन डायग्नोस्टिक स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड को शुक्राणु की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाने वाला स्थापित नहीं माना जाता। हालांकि, यदि आपको बार-बार स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड की जरूरत है या आपकी फर्टिलिटी को लेकर चिंता है, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में चर्चा करें।

अल्ट्रासाउंड में प्रयुक्त जेल क्या है?

अल्ट्रासाउंड में आमतौर पर पानी आधारित जेल का इस्तेमाल किया जाता है। यह ट्रांसड्यूसर और त्वचा के बीच बेहतर संपर्क बनाने में मदद करता है, जिससे अल्ट्रासाउंड इमेज स्पष्ट रूप से प्राप्त की जा सके।

क्या अल्ट्रासाउंड आपकी त्वचा को जला सकता है?

नहीं, सामान्य डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड आपकी त्वचा को जलाता नहीं है। जांच के दौरान इस्तेमाल किया जाने वाला जेल कुछ समय के लिए ठंडा या चिपचिपा महसूस हो सकता है, लेकिन जांच के बाद इसे साफ किया जा सकता है।

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