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Birla Fertility & IVF
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प्रजनन क्षमता बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका(Natural ways to boost fertility in hindi)

  • Published on February 03, 2023
प्रजनन क्षमता बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका(Natural ways to boost fertility in hindi)

शोध से यह बात सामने आई है कि जितने भी दंपति प्रजनन क्षमता से संबंधित समस्याओं का सामना करते हैं — उनमें लगभग 10-15 प्रतिशत दम्पतियों को खराब जीवनशैली के कारण यह समस्याएं होती हैं। जीवनशैली के मुद्दे पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन दर को प्रभावित करते हैं।

 

पोषण, मोटापा, व्यायाम की कमी, पर्यावरण की स्थिति, व्यावसायिक खतरों और खराब मानसिक स्वास्थ्य जैसे कारक प्रजनन प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे महिलाओं के लिए गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है।

 

पोषण में सुधार, नियमित रूप से व्यायाम और मानसिक तनाव को कम करके प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। यदि आप सोच रहे हैं कि स्वाभाविक रूप से गर्भवती कैसे हों, तो आपको अपनी जीवनशैली में कुछ चीजों को शामिल करना होगा और कुछ से छुटकारा पाना होगा। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या करें

यदि आप सोच रहे हैं कि जल्दी गर्भवती होने के लिए क्या करना चाहिए, तो आप सही जगह पर हैं। हालांकि, आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि यह 30 दिनों में अंडे की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए कोई जादुई फॉर्मूला नहीं है। आप जैसे-जैसे अपनी जीवनधैली में सकारात्मक बदलाव लाती हैं, वैसे-वैसे आपकी प्रजनन क्षमता में भी सुधार आता है।

 

गर्भावस्था की अपनी यात्रा में तेजी लाने के लिए निम्नलिखित जीवन शैली युक्तियों का अभ्यास किया जा सकता है।

  • एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन का सेवन करें

गर्भवती होने के लिए कोई विशिष्ट सर्वोत्तम फर्टिलिटी फूड्स नहीं हैं। हालांकि, विटामिन सी और ई, बीटा कैरोटीन, फोलेट और जिंक जैसे एंटीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन पुरुषों और महिलाओं की प्रजनन क्षमता में सुधार करता है जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है।

 

एंटीऑक्सिडेंट यौगिक (compounds) होते हैं जो उन प्रतिक्रियाओं को रोकते हैं जो हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट का सेवन बढ़ाने के लिए आप अधिक फल, सब्जियां, मेवे और अनाज को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, दोपहर के भोजन से पहले एक बड़ा कटोरा फल और मेवे खाना एक सकारात्मक जीवनशैली का अभ्यास है।

  • दिन की शुरुआत अच्छे नाश्ते से करें

तुरंत गर्भवती होने का कोई उपाय नहीं है। हालांकि, हर दिन भरपूर नाश्ता करने से हार्मोनल असंतुलन के मामले कम हो सकते हैं। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित महिलाओं को नियमित रूप से स्वस्थ नाश्ता करने से हार्मोनल असंतुलन को दूर किया जा सकता है, जो इनफर्टिलिटी यानी निःसंतानता को ट्रिगर करने के लिए जाना जाता है। 

 

नाश्ता न करने वालों की तुलना में नाश्ता करने वाली महिलाओं में ओव्यूलेशन अधिक होता है। इसलिए, दिन के आखिरी भोजन के आकार को कम करते हुए बड़ा नाश्ता करना स्वस्थ माना जाता है।

  • फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन करें

फाइबर आपके शरीर से अपशिष्ट उत्पाद को बाहर निकाल कर हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में भी मदद करता है और आपके शरीर को अतिरिक्त हार्मोन को खत्म करने में सक्षम बनाता है।

 

फल, सब्जियां, नट्स, बीज, अनाज और बीन्स जैसे उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती है। मांस, मछली, अंडे, मेवे, दाल और बीज जैसे पशु और वनस्पति प्रोटीन का संतुलित मिश्रण खाना भी फायदेमंद होता है।

  • उच्च वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें

उपभोक्ताओं के बीच अपने आहार में केवल कम वसा वाले डेयरी उत्पादों को शामिल करने का चलन है। हालांकि, आपके डेयरी उत्पादों में वसा की मात्रा बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है।

 

केवल कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन आपको महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्राप्त करने से रोकता है और ओव्यूलेटरी विकारों के कारण निःसंतानता का कारण बन सकता है। स्वाभाविक रूप से अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार करने के लिए संतुलन रखना सबसे अच्छा है।

  • मल्टीविटामिन लें

अध्ययन से यह बात सामने आई है कि विटामिन डी, फोलेट और विटामिन बी6 और बी12 जैसे विटामिन का सेवन प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद करता है। ये आवश्यक विटामिन महिला शरीर में विभिन्न कार्यों को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

 

इसकी कमी से निःसंतानता का खतरा बढ़ सकता है। आपके विटामिन की खुराक बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीके को समझने के लिए अपने चिकित्सक से बात करना उचित है।

  • सक्रिय जीवनशैली अपनाएं

मोटापा जैसी स्थितियां प्रजनन स्वास्थ्य सहित विभिन्न शारीरिक कार्यों की हानि का कारण बनती हैं। यह आपकी गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, नियमित रूप से व्यायाम करें और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर अपने वजन को नियंत्रण में रखने की कोशिश करें।

 

योग, टहलना, एरोबिक्स और तैराकी का मिश्रण आपके चयापचय को सक्रिय कर सकता है और वजन घटाने में मदद कर सकता है। व्यायाम करने के लिए रोजाना 20 से 40 मिनट समर्पित करना आवश्यक है। यदि आप एक गतिहीन नौकरी करते हैं, तो हर 30 मिनट में कुछ मिनटों के लिए चलने की सलाह दी जाती है।

  • मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रखें

एक हालिया अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला है कि 25% से 60% निःसंतानता से जूझ रहे व्यक्तियों ने कुछ प्रकार के मनोरोग लक्षणों की सूचना दी; उर्वर व्यक्तियों की तुलना में उनकी चिंता और अवसाद की घटनाएं काफी अधिक हैं।

 

यह भी संभव हो सकता है कि तनाव देर से गर्भधारण कारण हो। यदि आप लगातार तनाव में रहते हैं तो आपको इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए। आपको खुद को उन गतिविधियों में शामिल करना चाहिए जिससे आपको ख़ुशी मिलती है।

 

साथ ही, काम के कारण और अपने व्यक्तिगत दायरे में तनाव के सभी कारणों को कम करने से स्वाभाविक रूप से प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है।

क्या न करें

आप निम्नलिखित बातों से बचकर अपनी प्रजननं स्वास्थ्य में सुधार कर सकती हैं:

  • ट्रांस फैट के सेवन से बचें

कई तरह के शोध बताते हैं कि ट्रांस फैट के सेवन में वृद्धि सीधे तौर पर प्रजनन क्षमता में कमी से जुड़ी है। ट्रांस वसा, या ट्रांस-असंतृप्त फैटी एसिड, प्राकृतिक रूप से या कृत्रिम रूप से बनाए जा सकते हैं। वे स्वाभाविक रूप से मांस जैसे स्रोतों में पाए जाते हैं।

 

इसके अलावा, वे हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेलों, साथ ही मार्जरीन, वनस्पति, पैकेज्ड खाद्य उत्पादों, गैर-डेयरी कॉफी क्रीमर्स और बेक्ड उत्पादों में पाए जाते हैं। आपके द्वारा खरीदे जाने वाले उत्पादों में सामग्री की जांच करना सबसे अच्छा विकल्प है।

  • कार्ब्स का सेवन संतुलित मात्रा में करें

कार्ब्स को आमतौर ऐसे भोजन के रूप में देखा जाता है जिससे वजन बढ़ता है। कार्ब्स का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका स्वस्थ कार्ब्स का सेवन बढ़ाना और अस्वास्थ्यकर कार्ब्स का सेवन कम करना है।

 

अस्वास्थ्यकर कार्ब्स में उच्च चीनी सामग्री वाले अनाज, स्टोर से खरीदी गई ब्रेड, पास्ता, परिष्कृत गेहूं और चीनी से बना प्रसंस्कृत भोजन, और परिष्कृत चीनी के साथ मीठा दही शामिल हैं।

  • रिफाइंड कार्ब्स का कम सेवन करें

दो प्रकार के कार्ब्स में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) होता है। इसका मतलब है कि उनमें रक्तप्रवाह में आसानी से अवशोषित होने की क्षमता होती है, जिससे शुगर का स्तर बढ़ जाता है।

 

इनमें रिफाइंड चीनी और रिफाइंड गेहूं (मैदा) शामिल हैं। इनका अधिक सेवन इंसुलिन के निर्माण को प्रभावित कर सकता है, जो प्रजनन स्तर में भूमिका निभाता है। गुड़ और नारियल चीनी के साथ-साथ साबुत आटे जैसे अन्य मीठे विकल्पों का पता लगाना आदर्श है।

  • कैफीन का सेवन कम करें

कैफीन प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करता है, इस पर परस्पर विरोधी शोध हैं। उदाहरण के लिए, चाय का सेवन प्रजनन क्षमता के स्तर को बढ़ा सकता है, जबकि सोडा इसे कम कर सकता है। इस प्रकार कैफीन को कम मात्रा में लेना सबसे अच्छा है।

  • शराब का सेवन कम करें

गर्भधारण करने की कोशिश करते समय, शराब की खपत को सप्ताह में एक या दो बार कम करना सबसे अच्छा होता है।

 

गर्भधारण करने का प्रयास करने वाली महिलाओं के बीच किए गए एक अध्ययन में, भारी शराब पीने वालों सहित, गर्भधारण की संभावना 27.2% थी, जो न पीने वालों में बढ़कर 41.3% हो गई। दूसरी ओर, हल्के और मध्यम शराब पीने वालों के गर्भधारण करने की संभावना 32% थी।

निष्कर्ष

गर्भधारण करने की कोशिश करते समय, सुनिश्चित करें कि आप उन खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाते हैं। अपने डायटीशियन से परामर्श करना सबसे अच्छा है, जो पूरी तरह से जांच कर सकता है और आपके लिए सही जीवनशैली योजना बनाने में मदद कर सकता है।

 

आप अपने प्रजनन लक्ष्यों पर चर्चा करने के लिए प्रजनन विशेषज्ञ के पास भी जा सकती हैं और यदि आप स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ हैं तो आपको एक विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए।

 

विशेषज्ञ डॉक्टर आपके गर्भधारण न करने के सटीक कारण का पता लगाकर, उचित इलाज की मदद से आपकी समस्या को दूर सकते हैं जिसके बाद आपको गर्भधारण करने में परेशनियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

 

 

Written by:
Dr Lipsa Mishra

Dr Lipsa Mishra

Dr Lipsa Mishra is an experienced OBGYN in Bhubaneswar with almost a decade of clinical experience. She is a patient oriented reproductive and fertility specialist, with a thorough knowledge in the latest techniques in reproductive medicine.  She completed her MBBS from SCB Medical College Cuttack, Utkal University and was awarded double Honors in physiology and pharmacology. She also completed her M.D (Obstetrics & Gynecology) from SCB Medical College Cuttack, Utkal University and completed her FNB training in reproductive medicine. She is a Gold medalist in Pharmacology, her second M.B.B.S. She is a member of a host of eminent panels including Bhubaneswar Society of Obstetricians & Gynecologists, Indian Medical Association, Indian Fertility Society, Indian Society of Assisted Reproduction, to name a few. 

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