
पुरुष का स्पर्म कितना होना चाहिए जिससे बच्चा ठहर सकता है?

Table of Contents
- शुक्राणु गणना क्या है?
- स्पर्म काउंट की जांच कैसे की जाती है?
- क्यों जरूरी स्पर्ट काउंट टेस्ट?
- गर्भावस्था में शुक्राणु की गति क्यों जरूरी है?
- प्राकृतिक गर्भधारण के लिए कितना स्पर्म काउंट होना चाहिए?
- शुक्राणु संख्या और गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण
- शुक्राणु गणना स्पेक्ट्रम को समझें: खराब से उत्कृष्ट
- स्वस्थ शुक्राणु कैसे बनाएं?
- मिथक और सच्चाई: स्पर्म काउंट से जुड़े भ्रम
- निष्कर्ष
- अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
गर्भधारण के लिए पुरुष और महिला दोनों की प्रजनन क्षमता महत्वपूर्ण होती है। पुरुष की फर्टिलिटी में स्पर्म काउंट के साथ-साथ स्पर्म की गति (Motility), आकार (Morphology) और अन्य semen parameters भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केवल यह देखना कि स्पर्म काउंट कितना है, पुरुष की प्रजनन क्षमता का पूरा आकलन नहीं करता।
बहुत से पुरुषों के मन में सवाल होता है कि बच्चा पैदा करने के लिए कितना स्पर्म काउंट होना चाहिए? या कितने स्पर्म काउंट से प्रेग्नेंसी हो सकती है?
इसका कोई एक निश्चित आंकड़ा नहीं है जो गर्भधारण की गारंटी दे। हालांकि, semen analysis में कुछ reference values का इस्तेमाल पुरुष के semen parameters को समझने के लिए किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2021 की 6th edition semen analysis manual में इन reference values को अपडेट किया गया है।
आइए समझते हैं कि sperm count क्या होता है, इसकी जांच कैसे की जाती है और कम sperm count होने पर क्या किया जा सकता है।
शुक्राणु गणना क्या है?
वीर्य की एक निश्चित मात्रा में मौजूद शुक्राणुओं की संख्या को शुक्राणु गणना कहा जाता है। यह पुरुष की प्रजनन क्षमता जांचने का सबसे जरूरी और सटीक तरीका है। जब कोई कपल बच्चे की प्लानिंग करता है और गर्भधारण में परेशानी आती है, तब डॉक्टर सबसे पहले शुक्राणु गणना या स्पर्म काउंट करवाने की सलाह दी जाती है।
स्पर्म काउंट की जांच कैसे की जाती है?
निम्न तरीकों से शुक्राणु गणना कि जाती है –
- डॉक्टर वीर्य का सैंपल लेते हैं।
- माइक्रोस्कोप से शुक्राणु की संख्या, उनकी गति (Motility) और आकृति (Morphology) जांचते हैं।
- रिपोर्ट से पता चलता है कि शुक्राणु सामान्य हैं या नहीं।
क्यों जरूरी स्पर्ट काउंट टेस्ट?
- पुरुष की फर्टिलिटी (पुरुष प्रजनन क्षमता) जानने के लिए
- संतान सुख में आ रही समस्याओं का कारण समझने के लिए
- सही इलाज और समाधान चुनने के लिए
गर्भावस्था में शुक्राणु की गति क्यों जरूरी है?
केवल संख्या ही नहीं, बल्कि शुक्राणु की गति (Motility) भी जरूरी है। एग तक पहुंचने और उसे फर्टिलाइज करने के लिए शुक्राणु को सही दिशा में तेजी से बढ़ना चाहिए। सामान्य तौर पर, कम से कम 40% शुक्राणु गतिशील होने चाहिए। अगर गतिशीलता कम है, तो इस स्थिति को मेडिकल भाषा में एस्थेनोस्पर्मिया (Asthenozoospermia) कहते हैं, जिससे गर्भधारण में दिक्कत आती है।
प्राकृतिक गर्भधारण के लिए कितना स्पर्म काउंट होना चाहिए?
बहुत से लोग पूछते हैं कि प्रेगनेंसी के लिए कितना स्पर्म चाहिए या बच्चा पैदा करने के लिए कितना स्पर्म काउंट होना चाहिए, तो इसके सामान्य मानक होते हैं –
- शुक्राणु संख्या (Sperm Count): आमतौर पर शुक्राणु संख्या कम से कम 15 मिलियन (1.5 करोड़) प्रति मिलीलीटर होनी चाहिए।
- टोटल शुक्राणु संख्या: पूरे सैंपल में 39 मिलियन (3.9 करोड़) या उससे ज्यादा शुक्राणु होने चाहिए।
- गतिशीलता (Motility): कम से कम 40% शुक्राणु गतिशील होने चाहिए, जिनमें से 32% तेजी से आगे बढ़ने वाले हों।
- आकार (Morphology): कम से कम 4% शुक्राणु का आकार सामान्य होना चाहिए।
- वीर्य वॉल्यूम: सामान्य वीर्य का वॉल्यूम 1.5–5 मिलीलीटर होना चाहिए।
15 मिलियन (1.5 करोड़) प्रति मिलीलीटर से ज्यादा को सामान्य माना जाता है। कम संख्या होने पर डॉक्टर इलाज का सुझाव देते हैं। अगर गर्भधारण करने में दिक्कत आ रही है तो शुक्राणु गणना करवाना जरूरी हो सकता है।
शुक्राणु संख्या और गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण
शुक्राणु संख्या और गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कई कारक होते हैं, जिनमें से मुख्य को नीचे हमने विस्तार से समझाने का प्रयास किया है –
- स्वास्थ्य स्थितियां: वैरिकोसील (अंडकोष में नसों का बढ़ना), संक्रमण या हार्मोनल असंतुलन शुक्राणु उत्पादन को घटा सकते हैं।
- मोटापा: ज्यादा वजन से हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, जिससे शुक्राणु की संख्या और गुणवत्ता प्रभावित होती है।
- तनाव: लगातार मानसिक तनाव हार्मोन असंतुलन पैदा कर सकता है, जिससे शुक्राणु उत्पादन घटता है।
- जीवनशैली: धूम्रपान, शराब, ड्रग्स का सेवन, गर्म पानी के स्नान और टाइट कपड़े भी शुक्राणु उत्पादन पर नकारात्मक असर डालते हैं।
- पर्यावरणीय कारण: रसायनों, कीटनाशकों और भारी धातुओं के संपर्क से भी शुक्राणु स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
शुक्राणु गणना स्पेक्ट्रम को समझें: खराब से उत्कृष्ट
स्पर्ट टेस्ट के बाद आपको एक रिपोर्ट मिलेगी, जिसे समझना कोई मुश्किल का कार्य नहीं होना चाहिए। चलिए समझते हैं कि रिपोर्ट को कैसे पढ़ें और समझें कि आपकी रिपोर्ट
- कम शुक्राणु संख्या: 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर से कम शुक्राणुओं की संख्या आमतौर पर कम मानी जाती है। चूँकि अंडे तक पहुँचने के लिए कम शुक्राणु उपलब्ध होते हैं, इस कम संख्या के कारण सफल निषेचन की संभावना कम हो जाती है।
- औसत शुक्राणु गणना: मिलीलीटर में शुक्राणुओं की संख्या आमतौर पर औसतन 15 मिलियन से 200 मिलियन तक होती है। भले ही यह सामान्य सीमा के भीतर है, प्रजनन क्षमता के अन्य पहलुओं जैसे शुक्राणु गतिशीलता और आकृति विज्ञान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
- अच्छी शुक्राणु गणना: एक अच्छी शुक्राणु संख्या 40 मिलियन शुक्राणु प्रति मिलीलीटर से अधिक होती है। इस उच्च संख्या से इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि शुक्राणु सफलतापूर्वक अंडे तक पहुंचेगा और उसे निषेचित करेगा।
- उत्कृष्ट शुक्राणु गणना: प्रति मिलीलीटर 60 मिलियन से अधिक शुक्राणुओं की संख्या को अक्सर उत्कृष्ट माना जाता है। इस सीमा के भीतर, उच्च शुक्राणुओं की संख्या सफल गर्भधारण की संभावना को बढ़ा देती है।
| वर्गीकरण | शुक्राणु गणना (प्रति मिलीलीटर) |
| दरिद्र | 15 मिलियन से नीचे |
| औसत | 15 मिलियन से 40 मिलियन |
| अच्छा | 40 मिलियन से 60 मिलियन |
| उत्कृष्ट | 60 मिलियन से ऊपर |
स्वस्थ शुक्राणु कैसे बनाएं?
अक्सर यह पूछा जाता है कि कम शुक्राणुओं में कैसे बने पिता? यदि किसी पुरुष का स्पर्म काउंट सामान्य से कम है, तो घबराएं नहीं। कुछ उपायों से इसे बेहतर किया जा सकता है –
- सही वजन बनाए रखें और मोटापा घटाएं।
- संतुलित आहार लें और अपने आहार में फल, हरी सब्जियां, नट्स और प्रोटीन से भरपूर आहार लें।
- शराब और धूम्रपान से दूर रहें क्योंकि यह सीधे शुक्राणु की संख्या और गुणवत्ता पर असर डालते हैं।
- तनाव कम करें। तनाव को कम करने के लिए आप योग, ध्यान या मनपसंद एक्टिविटी करें। इससे निश्चित रूप से तनाव कम होगा।
- टाइट कपड़े या गर्म स्नान से बचें। इससे शरीर में शुक्राणु उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
- यौन संक्रमण से बचें। इससे बचने के लिए आप सेफ सेक्स का पालन करें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सही इलाज ज़रूरी है।
मिथक और सच्चाई: स्पर्म काउंट से जुड़े भ्रम
स्पर्म काउंट से जुड़े कुछ मिथक हैं, जिनकी सच्चाई को जानना बहुत ज्यादा आवश्यक है। चलिए सभी को एक-एक करके समझते हैं –
मिथक: लड़का पैदा करने के लिए स्पर्म काउंट ज्यादा होना चाहिए!
सच्चाई: शिशु का लिंग स्पर्म के X और Y क्रोमोसोम पर निर्भर करता है, न कि स्पर्म काउंट पर। कोई भी घरेलू उपाय या खानपान लिंग निर्धारण को बदल नहीं सकता।
मिथक: ज्यादा वीर्य मात्रा मतलब ज्यादा स्पर्म!
सच्चाई: वीर्य की मात्रा और शुक्राणु संख्या अलग-अलग बातें हैं। कम वीर्य में भी उच्च स्पर्म काउंट संभव है।
मिथक: बार-बार इजेक्युलेशन से स्पर्म काउंट कम या खत्म हो जाता है!
सच्चाई: यह मिथक है। शरीर लगातार शुक्राणु का निर्माण करता है। शरीर स्वस्थ शुक्राणु का निर्माण करे, इसके लिए आपको एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए।
निष्कर्ष
स्पर्म काउंट से जुड़े भ्रमों में न पड़ें। सही जानकारी लें और समय पर टेस्ट कराएं। अगर शुक्राणु संख्या कम है, तो घबराएं नहीं और किसी भी बाबा के पास न जाएं। डॉक्टर की सलाह से सही इलाज और लाइफस्टाइल में सुधार से आप भी पिता बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। जब तक आप अपनी समस्याओं के बारे में हमसे बात नहीं करेंगे, तब तक आपकी समस्या का इलाज नहीं होगा।
अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
बच्चा पैदा करने के लिए पुरुष को क्या करना चाहिए?
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना, धूम्रपान व शराब से बचना और नियमित डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी है।
बच्चा पैदा करने के लिए कितना स्पर्म काउंट होना चाहिए?
कम से कम 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर और पूरे सैंपल में 39 मिलियन से ज्यादा शुक्राणु होने चाहिए।
प्रेगनेंसी के लिए कितना स्पर्म चाहिए?
प्राकृतिक गर्भधारण के लिए 40% शुक्राणु को गतिशील होना चाहिए। ज्यादा संख्या गर्भधारण की संभावना बढ़ा देते हैं
बच्चा पैदा करने के लिए पुरुष का कितना Sperm Count होना चाहिए?
कोई एक निश्चित sperm count pregnancy की guarantee नहीं देता। WHO 2021 reference value के अनुसार sperm concentration का lower reference value 16 million/mL और total sperm number 39 million per ejaculate है। इसके अलावा sperm motility, morphology और female partner की fertility भी महत्वपूर्ण होती है।
क्या 15 Million Sperm Count में Pregnancy हो सकती है?
हां, pregnancy संभव हो सकती है। 15 million/mL WHO 2021 के 16 million/mL lower reference value से थोड़ा कम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि natural pregnancy असंभव है। पूरी semen analysis और दोनों partners की fertility को evaluate करना जरूरी है।
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