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IUI कितनी बार हो सकता है और आगे बढ़ने से पहले कितनी बार IUI करवाना चाहिए?

IUI कितनी बार हो सकता है और आगे बढ़ने से पहले कितनी बार IUI करवाना चाहिए?

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Dr. Sonal Chouksey

MBBS, DGO

17+ Years of experience

Table of Contents

गर्भधारण करने में मुश्किल होना, किसी भी कपल के लिए सबसे ज़्यादा भावनात्मक रूप से थकाने वाले अनुभवों में से एक हो सकता है। अच्छी बात यह है कि आधुनिक प्रजनन चिकित्सा ने उन लोगों के लिए कई रास्ते खोल दिए हैं जिन्हें मदद की ज़रूरत है। आज उपलब्ध कई प्रजनन उपचारों में से, इंट्रा-यूटेराइन इनसेमिनेशन – आईयूआई (Intra-Uterine Insemination – IUI) सबसे ज़्यादा सुझाए जाने वाले शुरुआती तरीकों में से एक है; इसे इसलिए पसंद किया जाता है क्योंकि यह कम दखल वाला, काफ़ी किफ़ायती और इसका तरीका सीधा-सादा है।

कपल्स अपने प्रजनन विशेषज्ञ से जो सबसे आम सवाल पूछते हैं, उनमें से एक यह है: किसी दूसरे तरीके को आज़माने से पहले IUI कितनी बार किया जा सकता है? इसका कोई एक तय जवाब नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति की प्रजनन यात्रा अपने आप में अनोखी होती है। फिर भी, मेडिकल गाइडलाइंस और क्लिनिकल अनुभव एक साफ़ ढाँचा देते हैं, जिससे मरीज़ सोच-समझकर फ़ैसले ले पाते हैं।

यह लेख IUI उपचार के बारे में वह सब कुछ बताता है जो आपको जानना ज़रूरी है। जैसे कि यह क्या है और इसे कब किया जाता है, आमतौर पर कितने साइकल की सलाह दी जाती है, और अगर IUI कामयाब नहीं होता तो आगे क्या होता है।

IUI क्या है?

इंट्रायूटेराइन इनसेमिनेशन, जिसे आमतौर पर IUI के नाम से जाना जाता है, एक फर्टिलिटी प्रक्रिया है जिसमें विशेष रूप से तैयार (धुले हुए) स्पर्म को ओव्यूलेशन के समय सीधे गर्भाशय के अंदर डाला जाता है। इसका लक्ष्य सीधा सा है: स्पर्म को अंडे तक पहुँचने के लिए तय करनी पड़ने वाली दूरी को कम करना, जिससे फर्टिलाइज़ेशन की संभावना बढ़ जाए।

IVF (इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन) के विपरीत, IUI में शरीर से अंडे निकालने या लैब में भ्रूण बनाने की ज़रूरत नहीं होती। यह एक कम जटिल प्रक्रिया है जिसे किसी क्लिनिक में कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है, और अक्सर इसके लिए एनेस्थीसिया की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।

कभी-कभी IUI के साथ ओव्यूलेशन को उत्तेजित करने वाली दवाएँ भी दी जाती हैं ताकि रिलीज़ होने वाले अंडों की संख्या बढ़ाई जा सके, जिससे हर साइकिल में गर्भधारण की संभावना बेहतर हो जाती है।

इस प्रक्रिया का समय ठीक ओव्यूलेशन के साथ मेल खाने के लिए तय किया जाता है — चाहे वह प्राकृतिक हो या दवाओं से प्रेरित। आईयूआई का सही समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। आईयूआई कब किया जाता है? आमतौर पर, यह LH सर्ज (ल्यूटेनाइज़िंग हार्मोन का अचानक बढ़ना) का पता चलने के 24 से 36 घंटे बाद, या HCG ट्रिगर इंजेक्शन दिए जाने के बाद किया जाता है; इससे यह सुनिश्चित होता है कि जब अंडा रिलीज़ हो, तब स्पर्म पहले से ही सही जगह पर मौजूद हो।

आईयूआई कराने की सलाह किसे दी जाती है?

आईयूआई उपचार सभी के लिए एक जैसा समाधान नहीं है। यह कुछ विशिष्ट समूहों के लिए अनुशंसित है, जहां प्रजनन संबंधी अंतर्निहित समस्याओं का समाधान इस विधि से किया जा सकता है। आईयूआई की सलाह देने से पहले आपका डॉक्टर आपकी संपूर्ण प्रजनन क्षमता का मूल्यांकन करते हैं और निम्न स्थितियों में आईयूआई करवाने की सलाह दी जाती है:

  • हल्के पुरुष कारक बांझपन: कम शुक्राणु संख्या, खराब गतिशीलता, या हल्के आकार संबंधी विकार
  • गर्भाशय संबंधी विकार: गर्भाशयी श्लेष्मा जो शुक्राणुओं को गर्भाशय तक पहुँचने से रोकती है
  • अज्ञात बांझपन: प्रजनन क्षमता की पूरी जाँच के बाद भी कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला
  • एकल माता-पिता और समलैंगिक जोड़े: गर्भधारण के लिए दाता शुक्राणु का उपयोग
  • यौन रोग: ऐसी स्थितियाँ जहाँ संभोग करना कठिन या असंभव हो

गंभीर रूप से अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब, मध्यम से गंभीर एंडोमेट्रियोसिस, डिम्बग्रंथि विफलता (Ovarian failure), या गंभीर पुरुष कारक बांझपन वाली महिलाओं के लिए आईयूआई आमतौर पर अनुशंसित नहीं है। इन स्थितियों में, आईवीएफ या अन्य सहायक प्रजनन तकनीकें (Assisted Reproductive Technologies) अधिक उपयुक्त हैं।

IUI कब किया जाता है?

IUI आमतौर पर ओव्यूलेशन (अंडे के रिलीज़ होने) के आसपास किया जाता है, ताकि गर्भधारण की संभावना बढ़ सके। IUI का सही समय महिला के ओव्यूलेशन के समय और उपचार के तरीके के आधार पर तय किया जाता है।

अगर ओव्यूलेशन प्राकृतिक रूप से हो रहा है, तो डॉक्टर LH surge की निगरानी कर सकते हैं। आमतौर पर LH surge का पता चलने के लगभग 24–36 घंटे बाद IUI किया जा सकता है। वहीं, अगर ओव्यूलेशन के लिए hCG trigger injection दिया गया है, तो डॉक्टर इंजेक्शन के समय और फॉलिकल की स्थिति के आधार पर IUI का सही समय तय करते हैं।

IUI की सफलता के लिए सही समय पर प्रक्रिया करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसका उद्देश्य ओव्यूलेशन के आसपास गर्भाशय में तैयार शुक्राणुओं को उपलब्ध कराना है।

IUI कितनी बार किया जा सकता है?

यह वह सवाल है जिसका जवाब ज़्यादातर कपल्स साफ़ तौर पर जानना चाहते हैं। ज़्यादातर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आईयूआई को 3 से 6 साइकिल तक आज़माने की सलाह देते हैं, जिसके बाद वे यह तय करते हैं कि इसे जारी रखना है या IVF जैसे ज़्यादा एडवांस इलाज की ओर बढ़ना है।

  • 10–20%: हर IUI साइकिल की औसत सफलता दर
  • 3–6: फिर से जांच करने से पहले सुझाई गई साइकिल की संख्या
  • ~40–50%: 3–4 साइकिल में कुल सफलता दर

रिसर्च लगातार यह दिखाती है कि IUI से होने वाली ज़्यादातर सफल प्रेग्नेंसी पहली तीन साइकिल के अंदर ही होती हैं। हर अगली कोशिश के साथ कुल सफलता दर बेहतर होती जाती है, लेकिन छह साइकिल से आगे जारी रखने का अतिरिक्त फ़ायदा काफ़ी कम हो जाता है। यही वजह है कि कई डॉक्टर तीन से छह साइकिल को एक स्टैंडर्ड पैमाना मानते हैं।

हालाँकि, यह समझना ज़रूरी है कि तकनीकी तौर पर IUI छह बार से ज़्यादा भी किया जा सकता है। शारीरिक नज़रिए से इस प्रक्रिया की कोई तय ऊपरी सीमा नहीं है। छह साइकिल से आगे जारी रखने का फ़ैसला हर व्यक्ति के हालात, उम्र, बीमारी की पहचान, इलाज पर शरीर की प्रतिक्रिया, और सबसे ज़रूरी बात कपल्स की इसे जारी रखने की भावनात्मक और आर्थिक क्षमता पर निर्भर करता है।

IUI की सफलता दर कितनी होती है?

IUI की सफलता दर हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है। आमतौर पर, IUI की सफलता दर लगभग 10–20% प्रति साइकिल बताई जाती है। यह महिला की उम्र, अंडों की गुणवत्ता, शुक्राणुओं की गुणवत्ता, ओव्यूलेशन और बांझपन के कारण जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

पहली कुछ IUI साइकिल में गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है। आपके मौजूदा कंटेंट के अनुसार, 3–4 IUI साइकिल के बाद कुल सफलता दर लगभग 40–50% तक पहुँच सकती है, हालांकि यह व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।

IUI साइकल की संख्या को प्रभावित करने वाले क्या कारक हैं?

डॉक्टर जितने IUI साइकल की सलाह देते हैं, वह कभी भी मनमानी नहीं होती। यह कई क्लिनिकल और व्यक्तिगत कारकों से तय होती है, जो हर कोशिश में सफलता की संभावना पर असर डालते हैं।

महिला की उम्र

प्रजनन क्षमता के नतीजों में उम्र की अहम भूमिका होती है। 35 साल से कम उम्र की महिलाओं में आम तौर पर अंडों की गुणवत्ता बेहतर होती है और IUI से सफलता की संभावना भी ज़्यादा होती है। 38 से 40 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं के लिए, डॉक्टर IVF पर जाने से पहले IUI की कम कोशिशों की सलाह दे सकते हैं, क्योंकि इस उम्र में समय एक ज़्यादा ज़रूरी कारक बन जाता है।

बांझपन का मूल कारण

अगर बांझपन का मूल कारण ऐसा है जिसका सीधा इलाज IUI से हो सकता है। जैसे कि शुक्राणुओं की गतिशीलता (motility) में हल्की-फुल्की दिक्कतें या सर्वाइकल म्यूकस की समस्याएँ आदि, तो इस प्रक्रिया के सफल होने की संभावना ज़्यादा होती है। जिस बांझपन का कोई स्पष्ट कारण न हो (unexplained infertility), उसके लिए IUI एक सही पहला कदम है। हालाँकि, अगर कारण ज़्यादा जटिल है, तो इलाज को आगे बढ़ाने से पहले कम साइकल की सलाह दी जा सकती है।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल

स्टिम्युलेटेड आईयूआई साइकल (जिनमें ओव्यूलेशन शुरू करने या ज़्यादा अंडे बनाने के लिए क्लोमिफीन (Clomiphene) या गोनैडोट्रॉपिंस (Gonadotropins) जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है) में प्राकृतिक IUI साइकल के मुकाबले सफलता की दर ज़्यादा होती है। आपके डॉक्टर शुरू से ही स्टिम्युलेटेड प्रोटोकॉल की सलाह दे सकते हैं, या एक शुरुआती प्राकृतिक साइकल के बाद इस पर आ सकते हैं।

शुक्राणुओं की गुणवत्ता

धोने (washing) के बाद तैयार किए गए शुक्राणुओं के सैंपल की गुणवत्ता एक अहम संकेत होती है। IUI के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सैंपल में कुल गतिशील शुक्राणुओं की संख्या (TMSC) जितनी ज़्यादा होगी, आईयूआई के नतीजे उतने ही बेहतर होंगे। अगर शुक्राणुओं की गुणवत्ता औसत दर्जे की है या लगातार कम हो रही है, तो IUI साइकल की संख्या कम की जा सकती है।

पहले की गर्भावस्था का इतिहास

अगर कोई महिला पहले गर्भवती हो चुकी है (भले ही उसका नतीजा जीवित बच्चे के जन्म के रूप में न निकला हो) तो यह एक अच्छा संकेत माना जाता है, और इससे IUI के और साइकल जारी रखने का फ़ैसला लेने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, अगर बार-बार गर्भपात होने का इतिहास रहा हो, तो आगे बढ़ने से पहले पूरी जाँच-पड़ताल करना ज़रूरी हो सकता है।

भावनात्मक और मानसिक तैयारी

प्रजनन क्षमता का इलाज शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही तरह से काफ़ी थकाने वाला होता है। आज के डॉक्टर इस बात को समझते हैं कि मरीज़ की मानसिक और भावनात्मक सेहत, उसके इलाज की प्रक्रिया से अलग नहीं है। जिन जोड़ों को बार-बार IUI साइकल फेल होने की वजह से बहुत ज़्यादा चिंता, मानसिक थकावट (burnout) या डिप्रेशन का सामना करना पड़ रहा हो, उन्हें बिना सोचे-समझे आगे बढ़ते रहने के बजाय, कुछ समय के लिए रुककर अपनी स्थिति का दोबारा आकलन करना चाहिए।

3 IUI साइकल फेल होने के बाद क्या करना चाहिए?

अगर 3 IUI साइकल के बाद भी गर्भधारण नहीं होता है, तो आगे का फैसला केवल IUI की संख्या के आधार पर नहीं किया जाता। फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आमतौर पर दोबारा जाँच करके यह समझने की कोशिश करते हैं कि गर्भधारण में कौन-से कारक बाधा बन रहे हैं। इसमें हार्मोन लेवल, ओवेरियन रिज़र्व, शुक्राणुओं की गुणवत्ता, गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब की स्थिति जैसी चीज़ों की समीक्षा की जा सकती है।

अगर जाँच के बाद IUI के लिए स्थिति अभी भी अनुकूल है, तो डॉक्टर 2–3 और IUI साइकल की सलाह दे सकते हैं। वहीं, उम्र, ओवेरियन रिज़र्व, शुक्राणुओं की गुणवत्ता या अन्य प्रजनन संबंधी समस्याओं के आधार पर डॉक्टर स्टिम्युलेटेड IUI या IVF जैसे अगले उपचार विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

इसलिए 3 IUI साइकल का असफल होना यह नहीं बताता कि गर्भधारण संभव नहीं है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि अब उपचार की रणनीति का दोबारा मूल्यांकन करने की जरूरत है। आगे का विकल्प आपकी जाँच और व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट तय करते हैं।

डॉक्टर की सलाह: आगे कब बढ़ें?

3 असफल IUI साइकल के बाद, ज़्यादातर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट एक पूरी तरह से दोबारा जाँच करते हैं। इसमें आम तौर पर हार्मोन के रिस्पॉन्स, स्पर्म के पैरामीटर, साइकल के दौरान फॉलिकल के विकास और पूरी क्लिनिकल स्थिति की समीक्षा शामिल होती है।

अगर कोई नई चिंता नहीं है और शुरुआती अनुमान अभी भी अनुकूल है, तो डॉक्टर 6 साइकल तक जारी रखने की सलाह दे सकते हैं। हालाँकि, अगर नीचे दी गई कोई भी बात लागू होती है, तो सलाह IVF या किसी अन्य उन्नत विकल्प की ओर जल्दी बदल सकती है:

  • महिला की उम्र 37 साल से ज़्यादा है और 3 साइकल के बाद भी गर्भधारण नहीं हुआ है
  • स्पर्म की गुणवत्ता में काफ़ी गिरावट आई है
  • नई जाँचों से पता चलता है कि ट्यूब को नुकसान पहुँचा है या एंडोमेट्रियोसिस की स्थिति बिगड़ रही है
  • ओवेरियन रिज़र्व (AMH, एंट्रल फॉलिकल काउंट) में कमी आई है
  • कपल्स कई सालों से गर्भधारण करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है

ऐसे मामलों में, IVF पर जाने से फर्टिलाइज़ेशन और भ्रूण के विकास पर ज़्यादा नियंत्रण मिलता है, जिससे सफलता की संभावना बढ़ जाती है। यह फ़ैसला हमेशा कपल्स और उनके फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट के बीच आपसी सहमति से लिया जाता है।

किन स्थितियों में IUI असफल हो सकता है?

यह समझना कि आईयूआई क्यों असफल हो सकता है, जोड़ों को यथार्थवादी उम्मीदें रखने और अपने डॉक्टरों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में मदद करता है। IUI का असफल होना इसका मतलब यह नहीं है कि गर्भधारण असंभव है — इसका सीधा सा मतलब है कि इस विशेष तरीके में कुछ बदलाव की आवश्यकता हो सकती है या किसी दूसरे तरीके को अपनाने की ज़रूरत हो सकती है।

अंडों की खराब गुणवत्ता या ओवेरियन रिज़र्व की कमी

यदि निकलने वाले अंडे खराब गुणवत्ता के हैं जो कि अक्सर उम्र या ओवेरियन रिज़र्व (अंडाशय में अंडों की संख्या) में कमी से संबंधित होता है तो निषेचन (fertilization) होने की संभावना कम हो जाती है, भले ही शुक्राणु अच्छी स्थिति में अंडे तक पहुँच जाएँ।

शुक्राणु के मापदंडों में कमी

हालाँकि IUI शुक्राणु को गर्भाशय ग्रीवा (cervix) से आगे बढ़ने में मदद करता है, लेकिन यह बहुत ज़्यादा असामान्य शुक्राणुओं की कमी की भरपाई नहीं कर सकता। यदि तैयार किए गए सैंपल में कुल गतिशील शुक्राणुओं की संख्या एक निश्चित सीमा से नीचे चली जाती है, तो सफलता दर में भारी गिरावट आ जाती है।

फैलोपियन ट्यूब की समस्याएँ

IUI के लिए कम से कम एक खुली और ठीक से काम करने वाली फैलोपियन ट्यूब का होना ज़रूरी है। यदि ट्यूबों में कोई रुकावट या क्षति है (जो अक्सर विशेष जाँच के बिना पता नहीं चलती), तो शुक्राणु और अंडा मिल नहीं पाते, जिससे IUI के कितने भी चक्र (cycles) आज़माए जाएँ, वह अप्रभावी ही रहता है।

गलत समय

IUI समय के मामले में बहुत संवेदनशील होता है। यदि गर्भाधान (insemination) ओव्यूलेशन के सबसे सही समय (optimal window) के भीतर नहीं किया जाता है, तो स्वस्थ शुक्राणु और अच्छा अंडा होने पर भी वे एक-दूसरे से मिल नहीं पाते। अल्ट्रासाउंड और हार्मोन की जाँच के साथ सावधानीपूर्वक निगरानी करने से यह जोखिम कम हो जाता है, लेकिन इसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता।

गर्भाशय की असामान्यताएँ

फाइब्रॉएड, पॉलीप्स, गर्भाशय की परत (endometrial lining) का पतला होना, या गर्भाशय की संरचना में कोई असामान्यता होने पर, निषेचन हो जाने के बाद भी भ्रूण का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण (implantation) नहीं हो पाता। इन समस्याओं के लिए, IUI के अगले चक्र शुरू करने से पहले जाँच और उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

हार्मोनल असंतुलन

थायरॉइड विकार, प्रोलैक्टिन का बढ़ा हुआ स्तर, या हार्मोन से जुड़ी अन्य अनियंत्रित समस्याएँ ओव्यूलेशन, प्रत्यारोपण और गर्भावस्था के शुरुआती दौर में मिलने वाले सहयोग में बाधा डाल सकती हैं और ये सभी कारक IUI के परिणामों को प्रभावित करते हैं।

निष्कर्ष

आईयूआई ट्रीटमेंट (IUI Treatment), कई कपल्स के लिए उनकी फर्टिलिटी जर्नी में एक कीमती और आसानी से उपलब्ध पहला कदम है। यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो सही समय पर आधारित होती है और दशकों के क्लिनिकल अनुभव से समर्थित है। हालाँकि, किसी भी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के साथ सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, फिर भी सही उम्मीदवारों के लिए IUI सफलता का एक सार्थक अवसर प्रदान करता है।

ज़्यादातर डॉक्टर, स्थिति का दोबारा मूल्यांकन करने से पहले 3 से 6 IUI साइकल को एक उचित सीमा मानते हैं। हालाँकि, यह संख्या निश्चित नहीं है — यह उम्र, बीमारी की पहचान (diagnosis), ट्रीटमेंट के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया और बदलते हुए क्लिनिकल निष्कर्षों के आधार पर बदलती रहती है। यदि IUI के अनुशंसित प्रयासों के बाद भी गर्भधारण नहीं होता है, तो इसे मरीज़ की असफलता नहीं माना जाना चाहिए। यह केवल एक संकेत है कि इस यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए शायद किसी दूसरे तरीके को अपनाना ज़्यादा बेहतर रहेगा।

अपने फर्टिलिटी विशेषज्ञ के साथ खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करना, आपके पास मौजूद सबसे महत्वपूर्ण साधन है। साथ मिलकर, आप एक ऐसी योजना तैयार कर सकते हैं जो वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हो, व्यावहारिक हो और आपकी विशिष्ट परिस्थितियों के अनुरूप हो चाहे वह IUI के साथ ही जारी रहे या फिर अगले चरण की ओर बढ़े।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या IUI 100% सफल होता है?

नहीं, IUI 100% सफल नहीं होता। इसकी प्रति साइकिल सफलता दर लगभग 10–20% होती है, जो उम्र, स्पर्म क्वालिटी और अन्य कारकों पर निर्भर करती है। 3–4 साइकिल के बाद कुल सफलता दर लगभग 40–50% तक पहुंच सकती है। हालांकि, IUI गर्भावस्था की गारंटी नहीं देता और जरूरत पड़ने पर IVF जैसे विकल्पों पर विचार किया जाता है।

IUI के लिए उम्र की क्या सीमा है?

IUI के लिए कोई तय उम्र सीमा नहीं है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसकी सफलता कम होती जाती है। आमतौर पर 40 साल तक IUI की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसके बाद अंडों की क्वालिटी और ओवेरियन रिज़र्व घटने लगता है। 38–40 साल की महिलाओं को अक्सर केवल 2–3 IUI साइकिल आज़माने की सलाह दी जाती है, जबकि 40 के बाद सीधे IVF या डोनर एग्स पर विचार किया जाता है।

3 IUI साइकिल फेल होने के बाद क्या करना चाहिए?

तीन IUI साइकिल फेल होने के बाद, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से दोबारा विस्तृत जांच कराना जरूरी होता है। इसमें हार्मोन लेवल, ओवेरियन रिज़र्व, स्पर्म क्वालिटी, गर्भाशय और ट्यूब्स की स्थिति की समीक्षा की जाती है। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर आगे 2–3 और IUI साइकिल, स्टिम्युलेटेड IUI या IVF की सलाह दे सकते हैं। इस दौरान अपनी भावनात्मक सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है, जिसमें काउंसलिंग या सपोर्ट ग्रुप मददगार हो सकते हैं।

IUI की तीसरी कोशिश में सफलता दर क्या है?

IUI की प्रति साइकिल सफलता दर आमतौर पर 10–20% होती है और हर कोशिश में लगभग समान रहती है। तीसरी साइकिल तक कुल सफलता दर बढ़कर लगभग 30–40% हो सकती है। अधिकतर सफल गर्भधारण पहली तीन साइकिलों में ही होते हैं, इसलिए तीसरी साइकिल के बाद आगे की ट्रीटमेंट रणनीति पर निर्णय लिया जाता है।

IUI कितने साइकल तक किया जा सकता है?

आमतौर पर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट 3 से 6 IUI साइकल तक कोशिश करने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, IUI की सही संख्या हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। महिला की उम्र, बांझपन का कारण, अंडों और शुक्राणुओं की गुणवत्ता तथा पिछले साइकल के परिणामों को देखते हुए डॉक्टर आगे IUI जारी रखने या किसी दूसरे उपचार पर जाने की सलाह दे सकते हैं।

IUI की पहली कोशिश में सफलता की कितनी संभावना होती है?

IUI की सफलता दर हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। आपके मौजूदा कंटेंट के अनुसार, प्रति IUI साइकल सफलता दर लगभग 10–20% हो सकती है। यह महिला की उम्र, अंडों की गुणवत्ता, शुक्राणुओं की गुणवत्ता, ओव्यूलेशन और बांझपन के कारण जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है।

कितने IUI साइकल के बाद IVF करना चाहिए?

3 IUI साइकल के बाद डॉक्टर आमतौर पर स्थिति का दोबारा मूल्यांकन कर सकते हैं। अगर जाँच के बाद IUI के लिए स्थिति अनुकूल है, तो कुछ मामलों में 6 साइकल तक IUI जारी रखा जा सकता है। लेकिन महिला की उम्र, ओवेरियन रिज़र्व में कमी, शुक्राणुओं की गुणवत्ता में गिरावट, फैलोपियन ट्यूब की समस्या या अन्य प्रजनन संबंधी कारणों के आधार पर डॉक्टर IVF की ओर जल्दी बढ़ने की सलाह दे सकते हैं।

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