
पीरियड्स के दौरान सोने के तरीके

अपने पीरियड्स के दौरान अच्छी नींद लेना लगभग नामुमकिन लग सकता है। ऐंठन और ब्लोटिंग (bloating) से लेकर मूड स्विंग और पीठ दर्द तक, जब आप आराम करने की कोशिश कर रही होती हैं तो सब कुछ ठीक लगता है। अगर आप अक्सर सोचती हैं कि “पीरियड्स में कैसे सोएं?” या “मैं थकी होने पर भी सो क्यों नहीं पाती?” — तो आप अकेली नहीं हैं। पीरियड्स के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव सीधे आपके स्लीप साइकिल पर असर डाल सकते हैं, जिससे रात में आरामदायक नींद लेना मुश्किल हो जाता है।
अच्छी खबर? सही स्लीपिंग पोज़िशन (sleeping positions), घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल में बदलाव करके, आप अपने पीरियड्स के दौरान अपने आराम और नींद की क्वालिटी को काफी बेहतर बना सकती हैं। इस ब्लॉग में बेहतर नींद लेने, परेशानी कम करने और रात में पीरियड्स के क्रैम्प्स को मैनेज करने के असरदार तरीके बताए गए हैं।
पीरियड्स के दौरान नींद क्यों मुश्किल हो जाती है? Why does it become difficult to sleep during periods?
कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान शारीरिक और हार्मोनल वजहों के मेल की वजह से नींद आने में दिक्कत होती है। इन्हें समझने से आपको इस समस्या से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलती है।
हार्मोनल उतार-चढ़ाव (hormonal fluctuations)
- आपके पीरियड से पहले और उसके दौरान, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का लेवल कम हो जाता है। प्रोजेस्टेरोन आमतौर पर आराम और नींद को बढ़ावा देता है, इसलिए जब यह कम हो जाता है, तो सोना मुश्किल हो जाता है। यह रुकावट गहरी नींद के साइकिल पर भी असर डाल सकती है।
पीरियड क्रैम्प्स (डिस्मेनोरिया) (Period cramps (dysmenorrhea)
- क्रैम्प्स सबसे बड़ा कारण है कि बहुत से लोग “पीरियड्स क्रैम्प्स के साथ कैसे सोएं” ढूंढते हैं। यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन से पेट, जांघों और पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है, जिससे अक्सर आरामदायक पोजीशन ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
ब्लोटिंग और पाचन में परेशानी (Bloating and digestive problems)
- पानी जमा होने और पाचन में बदलाव से ब्लोटिंग, गैस और भारीपन हो सकता है। यह सभी समस्याएं आराम से लेटने में रुकावट डालते हैं।
मूड में बदलाव और एंग्जायटी (Mood changes and anxiety)
- हार्मोनल बदलावों से चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस और मूड स्विंग हो सकते हैं। जब आपका मन बेचैन होता है, तो नींद आना और मुश्किल हो जाता है।
रात में हैवी फ़्लो (Heavy flow at night)
- लीकेज का डर, बार-बार बदलने या सैनिटरी प्रोडक्ट्स से होने वाली परेशानी से नींद की क्वालिटी खराब हो सकती है और कई बार नींद खुल सकती है।
पीरियड के दौरान सोने की सबसे अच्छी पोज़िशन | Best Sleeping Position During Period
कुछ खास पोज़िशन ऐंठन कम करने, आपकी पीठ को सहारा देने और पेल्विक प्रेशर कम करने में मदद करती हैं। अगर आप पीरियड के दर्द से राहत के लिए सोने की पोज़िशन ढूंढ रही हैं, तो ये सबसे असरदार हैं:
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सोने की पोज़िशन |
कैसे करें? |
फायदे (Period Pain Relief) |
| फीटल पोज़िशन(सबसे अच्छा ऑप्शन) | करवट लेकर लेटें और घुटनों को छाती की ओर मोड़ें। | पेट की मसल्स रिलैक्स होती हैं, ऐंठन कम होती है, पीठ पर दबाव घटता है और लीकेज का जोखिम कम होता है। |
| बाईं करवट सोना | बाईं ओर करवट लेकर आराम से लेटें। | ब्लड फ़्लो बढ़ाता है, डाइजेशन सुधरता है, एसिड रिफ्लक्स (acid reflux) कम होता है जो पीरियड के दौरान बढ़ सकता है। |
| ऊँची पीठ वाली पोज़िशन | पीठ के पीछे 1–2 तकिए लगाकर हल्का सीधा होकर सोएँ। | तेज़ ऐंठन, पीठ दर्द और ब्लोटिंग में राहत देती है। |
| सपोर्टेड बैक पोज़िशन | पीठ के बल सीधे लेटें और घुटनों के नीचे तकिया रखें। | रीढ़ पर तनाव कम होता है, लोअर बैक दर्द और ऐंठन में आराम मिलता है। |
सोने की इन पोजीशन से बचें:
- पेट के बल सोने से: पेल्विक प्रेशर बढ़ता है
- बिना सही कुशनिंग के सोने से पीठ और कूल्हे का दर्द बढ़ जाता है
पीरियड्स के दौरान अच्छी नींद के लिए घरेलू नुस्खे | Home remedies for good sleep during periods
आसान नेचुरल नुस्खे आपके शरीर को शांत कर सकते हैं और पीरियड्स के दौरान आपको ज़्यादा आराम से सोने में मदद कर सकते हैं।
- गर्म सिकाई या हीटिंग पैड: पेट के निचले हिस्से पर गर्मी लगाने से मसल्स को आराम मिलता है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और ऐंठन कम होती है। इसे सोने से 15-20 मिनट पहले इस्तेमाल करें।
- गर्म हर्बल चाय: कैमोमाइल, अदरक, पेपरमिंट और दालचीनी की चाय डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम देती है, ब्लोटिंग कम करती है और मसल्स को आराम देती है।
- सोने से पहले गर्म पानी से नहाना: गर्म पानी से नहाने से स्ट्रेस कम होता है, टेंशन वाली मसल्स को आराम मिलता है और आपके शरीर को नींद के लिए तैयार करने में मदद मिलती है।
- अरोमाथेरेपी: लैवेंडर या यूकेलिप्टस एसेंशियल ऑयल एंग्जायटी कम कर सकते हैं, नींद की क्वालिटी बेहतर कर सकते हैं और शांत करने वाला असर दे सकते हैं।
- हल्की स्ट्रेचिंग या योग: चाइल्ड पोज़, कैट-काउ स्ट्रेच या पेल्विक टिल्ट जैसे हल्के मूवमेंट टाइट मसल्स को ढीला करने और ऐंठन कम करने में मदद करते हैं।
पीरियड के दौरान अच्छी नींद के लिए लाइफस्टाइल टिप्स | Lifestyle Tips for Good Sleep During Periods
अपने रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव करके आप अपनी नींद की क्वालिटी को काफी बेहतर बना सकते हैं।
- सोने के लिए ठंडा और आरामदायक माहौल बनाए रखें
पीरियड के दौरान आपके शरीर का टेम्परेचर अपने आप बढ़ जाता है। जल्दी सोने के लिए अपने कमरे को ठंडा और अंधेरा रखें।
- कैफीन और चीनी कम लें
दोनों से एंग्जायटी, ब्लोटिंग और नींद में दिक्कत बढ़ सकती है। कैफीन-फ्री ऑप्शन अपनाएं, खासकर शाम को।
- पूरे दिन हाइड्रेटेड रहें
डिहाइड्रेशन से ऐंठन, सिरदर्द और मूड स्विंग की समस्या बढ़ सकती है — इन सभी से नींद में दिक्कत होती है।
- सोने का एक रेगुलर शेड्यूल फॉलो करें
अपनी सर्कैडियन रिदम को स्टेबल रखने के लिए हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
- रात में स्क्रीन टाइम कम करें
फोन और लैपटॉप से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) बनने में रुकावट डालती है। सोने से एक घंटा पहले ऑफलाइन एक्टिविटी शुरू करें।
- दिन में हल्की एक्सरसाइज़ करें
वॉकिंग, हल्का योगा या सिंपल स्ट्रेचिंग ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और क्रैम्प्स को कम करने में मदद करती है, जिससे रात में अच्छी नींद आती है।
पीरियड में अच्छी नींद के लिए इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें | Use these products for better sleep during your period
- ओवरनाइट सैनिटरी पैड: लंबे, हाई-एब्जॉर्प्शन पैड चुनें जो लीकेज को रोकते हैं और आपको बिना किसी चिंता के सोने देते हैं।
- पीरियड अंडरवियर: हैवी फ्लो वालों को एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन और आराम देता है।
- मेंस्ट्रुअल कप: अगर सही तरीके से डाला जाए तो (जो लोग इन्हें इस्तेमाल करने के आदी हैं) आरामदायक, लंबे समय तक प्रोटेक्शन दे सकते हैं।
- हॉट वॉटर बैग या हीटिंग पैड: पूरी रात ऐंठन को कंट्रोल में रखता है।
- आरामदायक स्लीपवियर: ढीले, हवादार कॉटन के कपड़े जलन और ज़्यादा गर्मी से बचाते हैं।
पीरियड्स में बेहतर नींद के लिए न्यूट्रिशनल टिप्स | Nutritional Tips for Better Sleep During Periods
मेंस्ट्रुएशन के दौरान आपका शरीर कैसा महसूस करता है, इसमें खाने का बड़ा रोल होता है। सही न्यूट्रिएंट्स खाने से हार्मोन बैलेंस में मदद मिलती है और परेशानी कम होती है।
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फूड कैटेगरी |
क्या खाएँ? |
कैसे मदद करता है? |
| मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स | केले, बादाम, पालक, कद्दू के बीज | मसल्स रिलैक्स करता है, नर्वस सिस्टम को शांत करता है, ऐंठन और तनाव कम करता है। |
| आयरन से भरपूर फूड्स | दाल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, बीन्स, चुकंदर | ब्लीडिंग के कारण कम हुए आयरन लेवल को पूरा करता है, थकान और कमज़ोरी कम करता है। |
| ओमेगा-3 फैटी एसिड | अलसी के बीज, अखरोट, चिया सीड्स | सूजन और ऐंठन को कम करता है, शरीर में आराम और बेहतर नींद को सपोर्ट करता है। |
| हाइड्रेटिंग फूड्स | खीरा, तरबूज, संतरा, नारियल पानी, सूप | हाइड्रेशन बढ़ाता है, ब्लोटिंग कम करता है और शरीर को हल्का महसूस कराता है। |
| रात में इनसे बचें | मसालेदार खाना, प्रोसेस्ड फूड, ज़्यादा नमक | एसिडिटी, सूजन और ब्लोटिंग बढ़ाते हैं, जिससे नींद और आराम में बाधा होती है। |
निष्कर्ष
पीरियड के दौरान सोना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सही तरीके बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अपने शरीर को समझना, सपोर्टिव स्लीपिंग पोजीशन चुनना, हीट थेरेपी का इस्तेमाल करना और रात में हेल्दी रूटीन फॉलो करना, नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी हैं।
फीटल पोजीशन, बाईं तरफ सोना और कुशन वाला बैक सपोर्ट पीरियड के दर्द से राहत देने वाली कुछ सबसे अच्छी स्लीपिंग पोजीशन हैं। बेहतर आराम के लिए इन्हें गर्म सिकाई, हर्बल चाय, हल्की स्ट्रेचिंग और रात में शांत माहौल के साथ मिलाएं।
अगर आपको लगातार बहुत ज़्यादा दर्द या नींद की दिक्कत हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बारे में सोचें। नहीं तो, ये आसान बदलाव आपको आराम से सोने और पूरे पीरियड पीरियड में ज़्यादा आराम महसूस करने में मदद कर सकते हैं।
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