आईवीएफ उपचार के लिए लखनऊ में सर्वश्रेष्ठ क्लिनिक
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बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, लखनऊ में आईवीएफ उपचार
हमारे लखनऊ क्लीनिक में आपका आईवीएफ सफ़र एक परामर्श के साथ शुरू होगा। इस दौरान, हमारे फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आपसे आपके मेडिकल हिस्ट्री के बारे में कुछ प्रश्न पूछेंगे, वह कुछ आवश्यक डायग्नोस्टिक जांच लिख सकते हैं और आपकी चिंताओं का समाधान कर सकते हैं। चूँकि हम पर्सनलाइज्ड देखभाल में विश्वास करते हैं, इसलिए यहीं पर आपकी विशिष्ट ट्रीटमेंट प्लान पर चर्चा की जाएगी, जिससे शुरुआत से ही पारदर्शिता, आराम और स्पष्टता पक्की हो सके।
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आईवीएफ की सलाह कब दी जाती है?
आईवीएफ ट्रीटमेंट की सलाह आमतौर पर निम्नलिखित मामलों में दी जाती है।
- एंडोमेट्रियोसिस: यह एक ऐसी स्थिति है, जहाँ यूट्रस की परत के समान असामान्य टिश्यू यूट्रस के बाहर बढ़ने लगते हैं, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है।
- ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब: इस स्थिति में, एग और स्पर्म स्वाभाविक रूप से नहीं मिल पाते हैं। आईवीएफ लैब में एग्स को फर्टिलाइज़ करके और प्रेगनेंसी को प्राप्त करने के लिए एम्ब्रियो को सीधे यूट्रस में रखकर फैलोपियन ट्यूब से सीधे निकल जाता है।
- पुरुष कारक इन्फर्टिलिटी: कम स्पर्म की संख्या या खराब गतिशीलता जैसी गंभीर पुरुष इनफर्टिलिटी समस्याओं के लिए आईसीएसई के साथ आईवीएफ की आवश्यकता हो सकती है।
- उम्र बढ़ने पर फर्टिलिटी कम हो जाती है। 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रेगनेंसी की संभावना बढ़ाने के लिए आईवीएफ से लाभ हो सकता है।
- पॉलीसिस्टिक ओवेरियन रोग: पीसीओडी वाली महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकता है, जिससे नेचुरल कन्सेप्शन में समस्याएं होती हैं।
- अस्पष्ट इन्फर्टिलिटी: जब इन्फर्टिलिटी का कोई स्पष्ट कारण नहीं पाया जाता है, तो आईवीएफ प्रेगनेंसी की संभावनाओं को बेहतर बना सकता है।
लखनऊ में आईवीएफ का खर्च
लखनऊ में आईवीएफ का औसत खर्च ₹2,94,050 है, जिसका खर्च लगभग ₹1,71,100 से ₹4,17,000 के बीच हो सकता है। हालांकि, कुल खर्च कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि डायग्नोस्टिक जांच, प्रिस्क्रिप्शन दवाएं या ली गई कोई अतिरिक्त सेवाएं।
लखनऊ में अपना आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले तैयारी के टिप्स
लखनऊ में आईवीएफ ट्रीटमेंट करवाने से पहले, दोनों भागीदारों को शारीरिक तौर पर और इमोशनली तैयार होने की आवश्यकता होती है।
मेडिकल इवैल्यूएशन:
आपका ट्रीटमेंट एक विस्तृत असेसमेंट के साथ शुरू होगा। महिला को ब्लड टेस्ट, हार्मोन इवैल्यूएशन और अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ सकता है। पुरुष साथी को सीमेन एनालिसिस करवाने की सलाह दी जाती है। यह जांच आपकी खास जरूरतों के हिसाब से ट्रीटमेंट प्लान बनाने में मदद करतीं हैं।
जीवनशैली में बदलाव:
धूम्रपान और शराब से दूर रहें। ये एग्स के साथ-साथ स्पर्म की क्वालिटी पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। दोनों भागीदारों के लिए संतुलित आहार लेना महत्वपूर्ण है। महिलाओं को फोलिक एसिड, आयरन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ लेना चाहिए, जबकि पुरुषों को स्पर्म स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अपने आहार में जिंक, सेलेनियम और एंटीऑक्सीडेंट होने चाहिए।
स्वास्थ्य
हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें। रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने और तनाव को कम करने के लिए महिलाओं को योग या पैदल चलने जैसी गतिविधियों से लाभ हो सकता है। पुरुषों को टेस्टोस्टेरोन के स्तर और संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सक्रिय रहना चाहिए।
समय पर दवा लें:
महिलाओं में एग्स के बनने को स्टिमुलेट करने के लिए बताई गई हार्मोन दवाओं को ध्यान से लेना चाहिए। पुरुष साथी के लिए कोई भी बताए गए सप्लीमेंट या दवा (जैसे स्पर्म स्वास्थ्य के लिए) भी बताए अनुसार ली जानी चाहिए।
पार्टनर का सहयोग
आईवीएफ कराना मानसिक रूप से भी आपको कठिनाई ला सकता है। इमोशनल सहारे, बराबर जिम्मेदारियाँ और पार्टनर के बीच हर विषय पर बातचीत इस सफ़र के स्ट्रेस को काफी कम कर सकता है।
आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद आपको क्या परेशानी हो सकती है और आपको क्या करना चाहिए?
- हल्का ऐंठन या सूजन: यह हार्मोनल परिवर्तनों के कारण सामान्य है।
- प्रोजेस्टेरोन मदद: आपको इंप्लांटेशन में मदद के लिए हार्मोन सप्लीमेंट्स बताए जा सकते हैं।
- स्ट्रेस न लें और भारी गतिविधि से बचें: अपनी दिनचर्या को हल्का रखें। भारी शारीरिक गतिविधियों में शामिल न हों और स्ट्रेस से बचें।
- बीटा एचसीजी जांच के लिए इंतजार करें: एम्ब्रियो ट्रांसफर के 10-14 दिनों के बाद रक्त जांच के माध्यम से प्रेगनेंसी की पुष्टि की जाती है।
- इमोशनल उतार-चढ़ाव: आईवीएफ मानसिक रूप से थका सकता है। मदद के लिए सलाह लें।
Birla Fertility & IVF, लखनऊ में आईवीएफ की सफलता दर, उम्र के अनुसार
महिलाओं में फर्टिलिटी उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से कम होने लगती है, खासकर जब आप 35 वर्ष की आयु पार कर जाती है। आईवीएफ के लिए उपयुक्त उम्र 20 के दशक के अंत और 30 के दशक की शुरुआत है। हालांकि, फर्टिलिटी दवाओं और तकनीकों में प्रगति के साथ, व्यक्ति 35 वर्ष की आयु के बाद भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं, और एग्स या स्पर्म की अच्छी क्वालिटी के साथ संभावनाएं बेहतर होती हैं।
- 35 वर्ष से कम: प्रति साइकिल्स ~50-60%
- 35-37 वर्ष: प्रति साइकिल्स ~40-50%
- 38-40 वर्ष: प्रति साइकिल्स ~25-35%
- 40 वर्ष से ऊपर: प्रति साइकिल्स <10%
Birla Fertility & IVF को लखनऊ के अन्य क्लीनिकों से अलग क्या बनाता है?
एडवांस प्रौद्योगिकी के साथ उच्च आईवीएफ सफलता दर
हम अपने विश्व स्तरीय लैब्स, कड़े क्वालिटी नियंत्रण और हमारे लखनऊ क्लीनिक में आधुनिक उपकरणों के माध्यम से आपकी आईवीएफ यात्रा के हर चरण में सटीकता सुनिश्चित करते हैं। हमारी टीम प्रेगनेंसी की आपकी संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए सख्त प्रोटोकॉल का पालन करती है।
स्पेशलिस्टों द्वारा देखभाल
भारत में टॉप 3 आईवीएफ चैन्स में से एक, हमारे क्लीनिक में अत्यधिक अनुभवी फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट हैं। हमने 1 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को छुआ है और हर कपल्स की अनूठी जरूरतों के लिए पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्रदान करना जारी रखे हुए हैं।
पारदर्शी और फ्लेक्सिबल पेमेंट ऑप्शन
हम 0% ईएमआई ऑप्शन और नो हिडन चार्जेस के साथ किफायती खर्चा देते हैं। शुरुआती परामर्श से लेकर ट्रीटमेंट के बाद तक, हम देखभाल और खर्चों में पूर्ण पारदर्शिता का विश्वास दिलाते हैं।
कॉम्प्रिहेंसिव और विनम्र सपोर्ट
लखनऊ में हमारे फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट केवल ट्रीटमेंट ही नहीं बल्कि पूरी देखभाल पर ध्यान देते हैं, इमोशनल सपोर्ट देते हैं, ट्रीटमेंट के बाद फॉलो अप और सेहत संबंधी मार्गदर्शन देते हैं, ताकि आपको अपने फर्टिलिटी सफ़र के दौरान सुरक्षित और सहज महसूस करें



















