Trust img
ओवुलेशन के बाद गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण

ओवुलेशन के बाद गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण

Dr. Prachi Benara
Dr. Prachi Benara

MBBS (Gold Medalist), MS (OBG), DNB (OBG), PG Diploma in Reproductive and Sexual health

16 Years of experience

गर्भावस्था के लिए ओवुलेशन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वह समय होता है जब महिला सबसे अधिक फर्टाइल होती है। ओवुलेशन को समझने से गर्भधारण की योजना बनाने या उसे रोकने में मदद मिलती है। इसपर नज़र रखना गर्भधारण की कोशिश कर रहे दम्पतियों के लिए उपयोगी हो सकता है।

ओवुलेशन एक प्रक्रिया है, जब महिला का अंडाशय एक अंडा रिलीज करता है, जो महीने में एक बार होता है। यह अंडा फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है। अगर इस समय स्पर्म अंडे से मिलता है, तो अंडा फर्टिलाइज हो सकता है और इससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है। अगर अंडा फर्टिलाइज नहीं होता तो यह पीरियड के दौरान शरीर से बाहर निकल जाता है।

Why Choose Us?

  120+ IVF Experts
  95% Satisfaction Score
  50+ Clinics Across India
  1,40,000+ Couples Helped

ओवुलेशन के बाद गर्भवती होने पर कौन से लक्षण महसूस होते हैं?

अंडा फटने (ओवुलेशन) के बाद प्रारंभिक गर्भावस्था के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग: ओव्यूलेशन के लगभग 6-12 दिन बाद, कुछ महिलाओं को हल्की स्पॉटिंग हो सकती है, जिसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहते हैं। यह तब होता है जब फर्टिलाइज अंडा गर्भाशय की परत से जुड़ जाता है।
  • स्तन में परिवर्तन: प्रारंभिक गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तन के कारण स्तन कोमल या सूजे हुए हो सकते हैं। जैसे-जैसे शरीर स्तनपान के लिए तैयार होता है, स्तन भारी या भरे हुए महसूस हो सकते हैं।
  • थकान: गर्भावस्था की शुरुआत में असामान्य रूप से थकान महसूस होना आम बात है। हार्मोनल परिवर्तन, बढ़ा हुआ मेटाबॉलिज्म और इमोशनल एडजस्टमेंट इस थकान में योगदान कर सकते हैं।
  • मूड में बदलाव: गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव मस्तिष्क पर असर डालते हैं, जिससे मूड में उतार-चढ़ाव होते हैं। कभी आप बहुत खुश होती हैं और कभी बिना कारण के दुखी या चिंतित हो सकती हैं।
  • मतली या उलटी: अक्सर गर्भधारण के लगभग 2-8 सप्ताह बाद, मतली और उल्टी हो सकती है। इसे मॉर्निंग सिकनेस भी कहते हैं, लेकिन यह दिन के किसी भी समय हो सकती है। यह हार्मोनल बदलावों के कारण होती है और अधिकांश महिलाओं में पहले तिमाही के बाद ठीक भी हो जाती है।
  • भूख में बदलाव: कुछ महिलाओं को कुछ खाने की चीज़ों की बहुत लालसा हो सकती है, जबकि कुछ चीज़ों से नफरत हो सकती है। ये लालसाएँ और नफरत अचानक और तेज़ हो सकती हैं।
  • बार-बार पेशाब आना: गर्भावस्था की शुरुआत में हार्मोनल परिवर्तन के कारण गुर्दे में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जिसके कारण अधिक पेशाब का उत्पादन होता है। इससे बार-बार बाथरूम जाना पड़ सकता है।

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आप गर्भवती हो सकती हैं, तो मासिक धर्म मिस होने के बाद घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने पर विचार करें।

We take care of you

Begin Your Treatment Journey with Confidence
Medical professionals with patient

No Cost EMI

Dedicated Insurance Support

ओवुलेशन के बाद गर्भधारण की संभावनाएं

ओवुलेशन के बाद गर्भवती होने की संभावना कई बातों पर निर्भर करती है –

  1. समय: गर्भधारण के लिए सबसे अच्छा समय फर्टिलिटी विंडो के दौरान होता है। यह ओवुलेशन का दिन और उससे पहले के पांच दिन है। स्पर्म महिला के शरीर में पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं और ओवुलेशन के बाद अंडा 12-24 घंटों तक जीवित रहता है।
  2. स्वास्थ्य: पुरुष और महिला दोनों का स्वास्थ्य गर्भावस्था की संभावनाओं को प्रभावित करता है। अच्छा स्वास्थ्य संभावना को बेहतर बनाता है।
  3. प्रजनन क्षमता: कोई भी प्रजनन संबंधी समस्या गर्भावस्था की संभावना को कम कर सकती है। डॉक्टर से परामर्श करके इन समस्याओं की पहचान करने और उनका इलाज करने में मदद मिल सकती है।
  4. शारीरिक संबंध बनाने का समय: फर्टिलिटी विंडो के दौरान नियमित संभोग से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
  5. उम्र: 20-30 साल की महिलाओं में आमतौर पर गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है।

इन कारकों पर विचार करके गर्भधारण की संभावना को अधिकतम किया जा सकता है।

प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें?

प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए आपको ओवुलेशन के बाद कम से कम 14 दिन तक इंतजार करना चाहिए। बहुत जल्दी टेस्ट करने से नकारात्मक परिणाम मिल सकता है, क्योंकि आपके शरीर में एचसीजी हार्मोन बनने में समय लगता है।

Our Fertility Specialists

Gurgaon – Sector 14, Haryana

Dr. Rashmika Gandhi

MBBS, MS, DNB

6+
Years of experience: 
  3000+
  Number of cycles: 
View Profile

Gurgaon – Sector 14, Haryana

Dr. Prachi Benara

MBBS (Gold Medalist), MS (OBG), DNB (OBG), PG Diploma in Reproductive and Sexual health

16+
Years of experience: 
  7000+
  Number of cycles: 
View Profile

Meerut, Uttar Pradesh

Dr. Madhulika Sharma

MBBS, DGO, DNB (Obstetrics and Gynaecology), PGD (Ultrasonography)​

16+
Years of experience: 
  500+
  Number of cycles: 
View Profile

Chandigarh

Dr. Rakhi Goyal

MBBS, MD (Obstetrics and Gynaecology)

23+
Years of experience: 
  4500+
  Number of cycles: 
View Profile

Lajpat Nagar, Delhi

Dr. Muskaan Chhabra

MBBS ,MS ( OBGYN ) , FRM

13+
Years of experience: 
  2000+
  Number of cycles: 
View Profile

Kolkata, West Bengal

Dr. Swati Mishra

MBBS, MS (Obstetrics & Gynaecology)

15+
Years of experience: 
  4000+
  Number of cycles: 
View Profile

To know more

Birla Fertility & IVF aims at transforming the future of fertility globally, through outstanding clinical outcomes, research, innovation and compassionate care.

Need Help?

Talk to our fertility experts

Had an IVF Failure?

Talk to our fertility experts