
एपिडीडिमल सिस्ट: कारण, लक्षण और उपचार

पुरुषों को अक्सर नहाते समय, सेल्फ-एग्जामिनेशन करते समय, या इंटिमेट पलों के दौरान टेस्टिकल पर या उसके पास गलती से कोई गांठ मिल जाती है। हालांकि कई गांठें हानिरहित होती हैं, लेकिन कुछ के लिए मेडिकल अटेंशन की ज़रूरत हो सकती है। एपिडीडिमल सिस्ट ऐसी ही एक हानिरहित गांठ है जो आपको मिल सकती है।
ये सिस्ट आमतौर पर टेस्टिकल (testicle) के ऊपरी या पिछले हिस्से के पास एक चिकनी, फ्लूइड से भरी थैली जैसी महसूस होती हैं। हालांकि ये चिंताजनक हो सकती हैं, लेकिन इनसे शायद ही कभी कोई कॉम्प्लिकेशन होता है और आमतौर पर फर्टिलिटी पर कोई असर नहीं पड़ता। फिर भी, लक्षणों और इलाज के विकल्पों के बारे में जानने से आपको सही फैसले लेने और बेवजह की चिंता से बचने में मदद मिलती है।
एपिडीडिमल सिस्ट क्या है? What is An Epididymal Cyst?
एपिडीडिमल सिस्ट एक छोटी, फ्लूइड से भरी थैली होती है जो एपिडीडिमिस (epididymis) में बनती है। एपिडीडिमिस टेस्टिकल के पीछे एक मुड़ी हुई ट्यूब होती है जो स्पर्म को स्टोर करने और ट्रांसपोर्ट करने के लिए ज़िम्मेदार होती है। इन सिस्ट में साफ फ्लूइड होता है और ये आमतौर पर हानिरहित होती हैं।
ज़्यादातर मामलों में, वे होती हैं:
- दर्द रहित
- नरम या थोड़ी सख्त
- टेस्टिकल से अलग
जब इन सिस्ट में स्पर्म होते हैं, तो उन्हें स्पर्मेटोसेले कहा जा सकता है, जो इससे काफी मिलता-जुलता है लेकिन बिल्कुल वैसा नहीं है।
एपिडीडिमल सिस्ट के लक्षण क्या हैं? What are The Symptoms of An Epididymal Cyst?
कई पुरुषों को कोई लक्षण महसूस नहीं होते, खासकर अगर सिस्ट छोटी हो। हालांकि, जैसे-जैसे यह समस्या बढ़ती है तो आपको निम्न कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
आम लक्षण
- टेस्टिकल पर एक चिकनी, गोल गांठ
- स्क्रोटम में भारीपन महसूस होना
- टेस्टिकल्स में हल्का दर्द
- चलते समय, बैठते समय या सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान बेचैनी
- स्क्रोटम में सूजन (swelling in the scrotum)
कम आम लक्षण
- तेज़ दर्द (आमतौर पर तभी होता है जब सिस्ट बड़ी हो जाए या उसमें इन्फेक्शन हो जाए)
- दबाव या खिंचाव महसूस होना
- टेस्टिकल की नसों में गांठ (जैसे वैरिकोसेले में) बहुत अलग महसूस होती है (रस्सी जैसी, कीड़े जैसी, और नरम) जबकि एपिडीडिमल सिस्ट एक अच्छी तरह से परिभाषित, फ्लूइड से भरे बुलबुले जैसी महसूस होती है।
एपिडीडिमल सिस्ट के कारण क्या हैं? What are The Causes of Epididymal Cysts?
इसका सही कारण अक्सर पता नहीं चलता, लेकिन इसके बनने से कई फैक्टर जुड़े होते हैं:
- एपिडीडिमल ट्यूब में रुकावट (Blockage in the Epididymal Tube)
- एपिडीडाइमिस में छोटी-छोटी नलियां होती हैं जो स्पर्म को स्टोर और ट्रांसपोर्ट करती हैं। किसी भी रुकावट से फ्लूइड जमा हो सकता है, जिससे सिस्ट बन सकता है।
- नेचुरल एजिंग (Natural Aging)
- एपिडीडिमल सिस्ट 40 साल से ज़्यादा उम्र के पुरुषों में ज़्यादा आम हैं, लेकिन ये किसी भी उम्र में हो सकते हैं।
- हार्मोनल फैक्टर (Hormonal Factors)
- प्यूबर्टी (puberty) या बड़े होने पर हार्मोनल उतार-चढ़ाव से इसका खतरा बढ़ सकता है।
- पिछले इन्फेक्शन (Previous Infection)
- एपिडीडिमाइटिस
- टेस्टिकुलर इन्फेक्शन (Testicular infection)
- सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन (sexually transmitted infection)
- चोट (Injury)
- ग्रोइन पर चोट लगने से कभी-कभी सिस्ट बन सकता है।
- जन्मजात समस्या (Congenital Problem)
- बच्चों में रिप्रोडक्टिव डक्ट्स में डेवलपमेंटल बदलावों के कारण एपिडीडिमल सिस्ट हो सकते हैं।
एपिडीडिमल सिस्ट बनाम स्पर्मेटोसेल | Epididymal Cyst vs. Spermatocele
हालांकि ये एक जैसे दिखते हैं, लेकिन यह अलग हैं:
|
तुलनात्मक बिंदु |
एपिडीडिमल सिस्ट |
स्पर्मेटोसील |
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अंदर का पदार्थ |
साफ़ पानी जैसा द्रव |
स्पर्म मिला हुआ द्रव |
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कहाँ बनता है |
एपिडीडाइमिस के किसी भी हिस्से में |
एपिडीडाइमिस के ऊपरी हिस्से (सिर) में |
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लक्षण |
आमतौर पर कोई लक्षण नहीं, बस एक छोटा गाँठ जैसा |
बड़ा होने पर भारीपन या दबाव महसूस हो सकता है |
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खतरा |
पूरी तरह हानिरहित |
पूरी तरह हानिरहित |
|
उपचार |
ज़रूरत हो तो ही, अधिकतर सिर्फ निगरानी |
वही—सिर्फ बड़ा होने या दर्द होने पर उपचार |
एपिडीडिमल सिस्ट का निदान कैसे किया जाता है? How is An Epididymal Cyst Diagnosed?
निदान आमतौर पर आसान और दर्द रहित होता है।
- शारीरिक जांच (Physical Examination):
- डॉक्टर गांठ के आकार, आकृति और स्थिति को महसूस करने के लिए अंडकोष की धीरे से जांच करेगा।
- ट्रांसइलुमिनेशन टेस्ट (Transillumination Test)
- अंडकोष के माध्यम से एक छोटी रोशनी डाली जाती है। एक सिस्ट चमकेगा क्योंकि इसमें ठोस गांठों के विपरीत तरल पदार्थ होता है।
- स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड (Scrotal Ultrasound)
- यह सबसे सटीक परीक्षण है:
- सिस्ट की पुष्टि करने के लिए
- ट्यूमर को खारिज करने के लिए
- वैरीकोसेल या हाइड्रोसेल (Hydrocele) जैसी अन्य स्थितियों की पहचान करने के लिए
अल्ट्रासाउंड सुरक्षित, गैर-आक्रामक है, और आमतौर पर निदान में अंतिम चरण होता है।
एपिडीडिमल सिस्ट का इलाज कैसे किया जाता है? How are Epididymal Cysts Treated?
अधिकांश एपिडीडिमल सिस्ट को इलाज की आवश्यकता नहीं होती है जब तक कि वे बड़े न हो जाएं या असुविधा न पैदा करें।
1. सावधानीपूर्वक प्रतीक्षा (Wait Carefully)
यदि सिस्ट छोटा और दर्द रहित है:
- नियमित निगरानी
- कभी-कभी अल्ट्रासाउंड
- स्व-परीक्षा
यह सबसे आम और सुरक्षित तरीका है।
2. दर्द प्रबंधन (Pain Management)
यदि असुविधा होती है:
- गर्म सेक
- स्क्रोटल सपोर्ट
- ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक (डॉक्टर की सलाह के अनुसार)
3. घरेलू उपचार (Home Remedies)
घरेलू उपचार सिस्ट को नहीं हटाते हैं लेकिन लक्षणों से राहत दे सकते हैं:
- असुविधा को कम करने के लिए गर्म स्नान
- सहायक अंडरवियर पहनना
- भारी सामान उठाने से बचना
- गर्म सेक लगाना
- रक्त प्रवाह में सुधार के लिए हल्का स्ट्रेचिंग या चलना
4. आयुर्वेदिक उपचार –– पूरक दृष्टिकोण (Ayurvedic Treatment)
आयुर्वेदिक उपचार निम्न पर ध्यान केंद्रित करते हुए दिया जाता है:
- सूजन कम करना
- रक्त संचार में सुधार
- शारीरिक ऊर्जा को संतुलित करना
सामान्य आयुर्वेद-आधारित सुझावों में हर्बल फॉर्मूलेशन (एक चिकित्सक की देखरेख में), गर्म तेल की मालिश, या जीवन शैली में बदलाव शामिल हो सकते हैं। ये तरीके लक्षणों में मदद कर सकते हैं लेकिन सीधे सिस्ट को छोटा नहीं करते हैं। इन्हें हमेशा पूरक विकल्पों के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए – प्राथमिक उपचार के रूप में नहीं।
5. सर्जिकल उपचार ––यदि आवश्यक हो (Surgical Treatment)
सर्जरी की सलाह तभी दी जाती है जब:
- सिस्ट बड़ा हो जाता है
- दर्द या दबाव का कारण बनता है
- दैनिक गतिविधियों में बाधा डालता है
- कॉस्मेटिक समस्याएं पैदा करता है
एपिडीडिमल सिस्ट एक्सिशन में एक छोटे चीरे के माध्यम से सिस्ट को हटाया जाता है। इसमें रिकवरी आमतौर पर जल्दी होती है, और परिणाम आम तौर पर उत्कृष्ट होता है।
निष्कर्ष
एपिडीडिमल सिस्ट टेस्टिकल में गांठ (Lump in the testicle) होने के सबसे आम और हानिरहित कारणों में से एक है। हालांकि इससे बेचैनी या चिंता हो सकती है, लेकिन यह शायद ही कभी कॉम्प्लीकेशन्स पैदा करता है और शायद ही कभी फर्टिलिटी को प्रभावित करता है या कैंसर का खतरा बढ़ाता है।
ज़्यादातर मामलों में, ध्यान से देखना, लाइफस्टाइल में बदलाव, घरेलू नुस्खे और सही जांच ही काफी होती है। सर्जरी सिर्फ़ लगातार रहने वाले या दर्दनाक सिस्ट के लिए की जाती है। नियमित रूप से खुद जांच करना और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना टेस्टिकुलर हेल्थ सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या एपिडीडिमल सिस्ट खतरनाक होते हैं?
नहीं। वे बिनाइन, नॉन-कैंसरस होते हैं और आमतौर पर हानिरहित होते हैं। वे शायद ही कभी गंभीर समस्याएं पैदा करते हैं।
क्या एपिडीडिमल सिस्ट फर्टिलिटी को प्रभावित करते हैं?
आम तौर पर, नहीं। वे स्पर्म प्रोडक्शन में दखल नहीं देते हैं। बड़े सिस्ट कभी-कभी इजैक्युलेशन के दौरान बेचैनी पैदा कर सकते हैं, लेकिन फर्टिलिटी आमतौर पर बनी रहती है।
क्या एपिडीडिमल सिस्ट कैंसर में बदल सकता है?
नहीं। एपिडीडिमल सिस्ट कैंसरस नहीं बनते हैं। हालांकि, किसी भी नई या बढ़ती हुई गांठ की हमेशा डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
क्या सर्जरी के बाद सिस्ट वापस आ सकता है?
दोबारा होना असामान्य है लेकिन संभव है। सही सर्जिकल टेक्नीक और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर से इसके चांस कम हो जाते हैं।
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